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बुधवार, 10 दिसंबर 2025

NCERT Class 7th Hindi Chapter 1 माँ, कह एक कहानी Question Answer

NCERT Class 7th Hindi Chapter 1 माँ, कह एक कहानी Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 1 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi माँ, कह एक कहानी Question Answer

पाठ से

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन – सा है ? उनके सामने तारा (★ ) बनाइए । कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी क्यों सुनाती है ?
राजाओं की कहानियों से उसका मनोरंजन करने के लिए।
उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए।
उसे परिवार की विरासत और पूर्वजों के बारे में बताने के लिए।
उसे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए।

उत्तर:
उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए।



प्रश्न 2.
कविता में घायल पक्षी की कहानी का उपयोग किस लिए किया गया है?
निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने के लिए।
पिता की वीरता और साहस पर ध्यान दिलाने के लिए।
करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।
मित्रता और निष्ठा के महत्व को उजागर करने के लिए।

उत्तर:
करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।



प्रश्न 3.
कविता के अंत तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे को क्या समझ में आने लगता है?
न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए।
निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए।
आखेटकों का सदैव विरोध करना चाहिए।
जानवरों की हर स्थिति में रक्षा करनी चाहिए ।

उत्तर:
न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए ।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग- अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर:

1. कोई भी निर्णय लेते समय यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि क्या सही है क्या गलत। मारने वाले से बचाने वाला सदैव श्रेष्ठ होता है यह समझ विकसित होनी आवश्यक है, इसलिए यह उत्तर चुना।

2. सही होते हुए भी स्वयं को सिद्ध करने के लिए कितने तर्क, वितर्क और संघर्षों का सामना करना पड़ता है यह देखते हुए भी सत्य, दया और करुणा का साथ न छोड़ना और निडर होकर न्याय के पक्ष में डटे रहने के निर्णय के कारण यह उत्तर चुना ।

3. जब क्रूरता और दया में से एक को चुनना हो तो स्वाभाविक है कि न्याय दया के पक्ष में जाए।
(विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ चर्चा करके बताएँगे कि उनके द्वारा विकल्प चुनने के क्या कारण हैं ।)



मिलकर करें मिलान

• इस पाठ में आपने माँ और पुत्र के बीच की बातचीत को एक कविता के रूप में पढ़ा है। इस कविता में माँ अपने पुत्र को उसके पिता की एक कहानी सुना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माँ, पुत्र और पिता कौन हैं ? अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और उन्हें पहचानकर सुमेलित कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की

उत्तर:
1. – 3
2. – 1
3. – 2

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क) “कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!”
उत्तर:
यदि कोई किसी निरपराधी जीव / व्यक्ति को आहत करे, मारे, चोट पहुँचाए तो दूसरों का यह दायित्व है वे उसे बचाएँ । उसकी रक्षा करें। न्याय भी दया का दान देगा और भक्षक के ऊपर रक्षक को ही श्रेष्ठ समझेगा ।



(ख) “हुआ विवाद सदय – निर्दय में,
उभय आग्रही थे स्वविषय में,
गई बात तब न्यायालय में,
सुनी सभी ने जानी।’
उत्तर:
घायल पक्षी पर अधिकार लेने के लिए दयालु सिद्धार्थ और निर्दयी आखेटक के मध्य खूब बहस हुई, तर्क-वितर्क हुए। आखेटक और सिद्धार्थ दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और फिर बात न्यायालय तक जा पहुँची। वहाँ से सभी लोगों को पता चली और चारों ओर चर्चा का विषय बनी।



सोच-विचार के लिए

कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) आपके विचार से इस कविता में कौन-सी पंक्ति सबसे महत्वपूर्ण है? आप उसे ही सबसे महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं?
उत्तर:
“कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!”
संपूर्ण कविता का सार इसी पंक्ति में निहित है। ये पंक्तियाँ दया, प्रेम, न्याय की भावना को व्यक्त करती हैं। यहाँ किसने मारा, किसका अधिकार है, ये सभी प्रश्न गौण हैं। निरपराधी की रक्षा करने, उसे जीवन देने का भाव महत्वपूर्ण है।

(ख) आखेटक और बच्चे के पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ था?
उत्तर:
आखेटक द्वारा पक्षी का शिकार किया जाता है। वह पक्षी घायल होकर उपवन में प्रातः भ्रमण को निकले बच्चे के पिता के पास गिरता है। समीप गिरे हुए पक्षी को लहूलुहान देख बच्चे के पिता उसे उठाकर अपनी गोद में रख लेते हैं। वे उसे बचाना चाहते हैं, उसके जीवन की रक्षा करना चाहते हैं किंतु आखेटक का कहना है कि उसने उस पक्षी का शिकार किया इसलिए उसे वह पक्षी सौंप दिया जाए। बच्चे के पिता इसके लिए तैयार नहीं होते, इस कारण दोनों के बीच तर्क-वितर्क हुआ।



(ग) माँ ने पुत्र से ‘राहुल, तू निर्णय कर इसका’ क्यों कहा?
उत्तर:
माँ अपने पुत्र के विवेक, बुद्धि और संस्कारों की परीक्षा लेना चाहती थीं इसलिए ऐसा कहा ।

(घ) यदि कहानी में आप उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? आपके अनुसार न्याय कैसे किया जा सकता था ?
उत्तर:
यदि मैं उपवन में होता / होती तो मैं उसे तुरंत पशु चिकित्सालय ले जाता / जाती और उसे बचाने का हर संभव प्रयास करता/करती, किसी भी कीमत पर आखेटक को नहीं देता/देती।



(ङ) कविता में माँ और बेटे के बीच बातचीत से उनके बारे में क्या-क्या पता चलता है?
उत्तर:
यशोधरा एक आदर्श माँ हैं जो अपने बच्चे को दयालु संस्कारवान और न्यायप्रिय बनाना चाहती हैं। उसमें दया, धर्म, प्रेम के बीज बोकर, उसके पिता के गुणों को विकसित करना चाहती हैं। इसलिए वे उसे प्रेरक कहानी सुनाती हैं। राहुल योग्य सुपुत्र है। वह माँ की शिक्षा को पूरे विवेक और कौशल के साथ सीखता है।
(संकेत – कविता पढ़कर आपके मन में माँ-बेटे के बारे में जो चित्र बनता है, जो भाव आते हैं या जो बातें पता चलती हैं, उन्हें भी लिख सकते हैं।)

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-

(क) माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा। यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते ?
उत्तर:
विद्यार्थी अपनी समझ से चर्चा करेंगे, जैसे- न्याय आखेटक के पक्ष में हुआ, वह पक्षी ले गया अथवा न्याय पिता के पक्ष में हुआ। उनकी सेवा से पक्षी स्वस्थ होकर बगीचे में ही रहने लगा आदि ।

(ख) मान लीजिए कि कहानी में हंस और तीर चलाने वाले के बीच बातचीत हो रही है। कल्पना से बताइए कि जब उसने हंस को तीर से घायल किया तो उसमें और हंस में क्या-क्या बातचीत हुई होगी? उन्होंने एक-दूसरे को क्या-क्या तर्क दिए होंगे ?
उत्तर:
आखेटक ने कहा होगा – अहा ! क्या निशाना था मेरा! प्यारे हंस, अब मैं तुम्हें अपने घर ले जाऊँगा । तुम्हारा मांस अत्यंत स्वादिष्ट होगा। हंस ने कहा होगा – हे आखेटक ! मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था? मैं तो यहाँ अपने परिवार के साथ प्रातः बेला का आनंद लेने आया था। मुझे इस हालत में देखकर वे कितने दुखी होंगे, क्या इसका अंदाज़ा है तुमको ? आखेटक ने रौब दिखाते हुए कहा होगा – बेकार की बातें मत करो। शिकार करना मेरा काम है। अपने निशाने पर मुझे गर्व है। मैं तो नित्य ही लक्ष्य साधकर अनेक पक्षियों का शिकार करता हूँ।



(ग) मान लीजिए कि माँ ने जो कहानी सुनाई है, आप भी उसके एक पात्र हैं। आप कौन-सा पात्र बनना चाहेंगे? और क्यों?
तीर चलाने वाला
पक्षी
पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति
न्यायाधीश
कोई अन्य पात्र जो आप कहानी में जोड़ना चाहें

उत्तर:
मैं घायल पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति बनना चाहूँगा / चाहूँगी क्योंकि मेरी दृष्टि में यही श्रेष्ठ कार्य है। मनुष्य को जीवों पर दया करनी चाहिए। सभी धर्म हमें यही सिखाते हैं।
(विद्यार्थी अपनी समझ से उत्तर देंगे ।)

संवाद

• इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है लेकिन कौन-सा कथन किसने कहा है, यह नहीं बताया गया है। आप कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दिए गए उचित स्थान पर लिखिए । उदाहरण के लिए, माँ और पुत्र का एक-एक कथन दिया गया है।



उत्तर:


पुत्र द्वारा कहे गए कथन

माँ द्वारा कहे गए कथन


1. “ माँ, कह एक कहानी । “

1. “बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी ?”


2. “कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! कह माँ, कह, लेटी ही लेटी. राजा था या रानी ? राजा था या रानी ? माँ, कह एक कहानी।

2. तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।”


3. “जहाँ सुरभि मनमानी ? हाँ, माँ, यही कहानी । “

3. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी। “


4. “लहराता था पानी ? हाँ, हाँ, यही कहानी ।”

4. “ गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी ! “


5. “हुई पक्ष की हानी ? करुणा- भरी कहानी!”

5. “चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया । इतने में आखेटक आया, लक्ष्य-सिद्धि का मानी ।


6. “लक्ष्य-सिद्धि का मानी ? कोमल-कठिन कहानी।”

6. “ माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात किंतु थे रक्षी । तब उसने, जो था खगभक्षी- हठ करने की ठानी।’


7. “हठ करने की ठानी? अब बढ़ चली कहानी।”

7. ” हुआ विवाद सदय – निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी। “


8. “सुनी सभी ने जानी ? व्यापक हुई कहानी।”

8. “राहुल, तू निर्णय कर इसका- न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका । सुन लूँ तेरी “बानी।”


9. “माँ, मेरी क्या बानी? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?

9. “न्याय दया का दानी ? तूने गुनी कहानी।


10. रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!’


शब्द से जुड़े शब्द

• नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए-

उत्तर:




पंक्ति से पंक्ति

• नीचे स्तंभ- 1 और स्तंभ -2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलती-जुलती पंक्तियों को रेखा खींचकर मिलाइए-


उत्तर:
1. – 7
2. – 9
3. – 5
4. – 8
5. – 3
6. – 2
7. – 6
8. – 1
9. – 10
10. – 4

कविता की रचना

“राजा था या रानी?
राजा था या रानी ?
माँ, कह एक कहानी।”

इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों की तरह इस पूरी कविता में अनेक स्थानों पर कुछ पंक्तियाँ दो बार आई हैं। इस कारण कविता में पाठक को माँ-बेटे की बातचीत और अच्छी तरह समझ में आ जाती है। इससे कविता के सौंदर्य में भी वृद्धि हुई है।



आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी (जैसे— कविता में माँ-बेटे का संवाद दिया गया है जिसे ‘संवादात्मक शैली’ कहते हैं; प्रकृति और कार्यों आदि का वर्णन किया गया है जिसे ‘वर्णनात्मक शैली’ कहा जाता है)।

(क) इस कविता को एक बार पुनः पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए । अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी समूह में चर्चा करके सूची बनाएँ, जैसे-

1. इस कविता में दया, प्रेम और न्याय का भाव समाहित है।

2. कविता बच्चों में सही और गलत का निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है।

3. कविता में ‘जीव – प्रेम और जीव- रक्षा’ का संदेश मुखरित है।

4. अन्याय के विरुद्ध मुखर होकर सामने आने का भाव प्रेरणादायी है।

5. प्रकृति-प्रेम और प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त कविता की भाषा सरल, सहज और लालित्यपूर्ण है।

6. माँ और पुत्र के बीच के संवाद पारिवारिक प्रेम, सौहार्द ममत्व और आदर्श प्रेरक प्रसंगों से युक्त हैं।

7. माँ के द्वारा करुणा, न्याय और निडरता की कहानी सुनाना विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास है।

8. कहानी कहते हुए अप्रत्यक्ष रूप से बच्चों को संस्कारित करना कविता की विशेषता है।

9. कहानी के बीच में बच्चे से प्रश्न पूछकर माँ यह जानना चाहती है कि जिस उद्देश्य से वह कहानी सुनाई जा रही है, वह पूर्ण हुआ या नहीं; यह कविता की एक महत्वपूर्ण और आकर्षक विशेषता है।

Language Learning Tools

(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।

उत्तर:
1. – 3, 4
2. – 3, 4, 6
3. – 6
4. – 1, 5
5. – 6
6. – 5
7. – 3
8. – 2, 4

रूप बदलकर

“सुन, उपवन में बड़े सबेरे,
तात भ्रमण करते थे तेरे, ”

कविता की इन पंक्तियों को निम्न प्रकार से बदलकर लिखा जा सकता है—
“सुनो! आपके पिता एक उपवन में बहुत सवेरे भ्रमण किया करते थे….
• अब आप भी पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए।
उत्तर:
पद – “ चौंक उन्होंने उसे उठाया,
नया जन्म-सा उसने पाया।
अनुच्छेद – उन्होंने चौंककर घायल पक्षी को उठाया।
पक्षी ने मानो नया जन्म – सा पा लिया।

कविता में विराम चिह्न



“माँ, कह एक कहानी।”
इस पंक्ति में आपको अनेक विराम चिह्न दिखाई दे रहे हैं, जैसे—
अल्प विराम (, )
पूर्ण विराम (।)
उद्धरण चिह्न (“ ” )

इस कविता में विराम चिह्नों का बहुत अच्छा प्रयोग किया गया है। विराम चिह्न इस कविता में अनेक कार्य कर रहे हैं, जैसे यह बताना कि
कविता पाठ करते समय कहाँ थोड़ा रुकना है (,), कहाँ अधिक रुकना है (।)
कौन सी पंक्ति किसने कही है? पुत्र ने या माँ ने (“”)
कहाँ प्रश्न पूछा गया है (?)
कौन-सी बात आश्चर्य से बोली गई है (!)

(क) नीचे कविता का एक अंश बिना विराम चिह्नों के दिया गया है। इसमें उपयुक्त स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए-

उत्तर:
“राहुल, तू निर्णय कर इसका –
न्याय पक्ष लेता है किसका?
कह दे निर्भय, जय हो जिसका ।
सुन लूँ तेरी बानी।”
“माँ, मेरी क्या बानी ?
मैं सुन रहा कहानी।
कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!”
“न्याय दया का दानी ?
तूने गुनी कहानी।



(ख) अब विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए कविता को अपने समूह में सुनाइए।
उत्तर:
कक्षा में विद्यार्थी विभिन्न समूह बनाकर, इस कविता में आए सभी विराम चिह्नों को ध्यान में रखकर समूह में अपनी प्रस्तुति देंगे।

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) “सुन, उपवन में बड़े सबेरे,
तात भ्रमण करते थे तेरे, ”
आप या आपके परिजन भ्रमण के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं ? और क्यों ?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं बताएँ; जैसे- पार्क, मॉल, दादा-दादी के घर, किसी पर्यटन स्थल पर आदि ।

(ख) इस पाठ में एक माँ अपने पुत्र को कहानी सुना रही है। आप किस-किस से कहानी सुनते हैं या थे? आप किसको और कौन- सी कहानी सुनाते हैं?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं बताएँ; जैसे- दादी, भैया, मम्मी, दादी, नानी से कहानी सुनते थे। अपने मित्रों, भाई-बहनों को विज्ञान से जुड़ी या सौर मंडल की कहानी या पौराणिक कहानी।

(ग) माँ ने कहानी सुनाने के बीच में एक प्रश्न पूछ लिया था । क्या कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है? क्यों ?
उत्तर:
मेरे अनुसार कहानी सुनाने के बीच प्रश्न पूछना सही है क्योंकि इससे पता चलता है कि सुनने वाला कहानी ध्यान से सुन और समझ रहा है या नहीं।

(घ) कविता में बालक अपनी माँ से बार-बार ‘वही’ कहानी सुनने की हठ करता है। क्या आपका भी कभी कोई कहानी बार-बार सुनने का मन करता है? अगर हाँ, तो वह कौन – सी कहानी है और क्यों?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं बताएँगे कि कौन-सी कहानी वे बार-बार सुनना चाहते हैं।

निर्णय करें

“राहुल, तू निर्णय कर इसका –

नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। बताइए कि इन स्थितियों में आप क्या करेंगे?

प्रश्न 1.
खेलते समय आप देखते हैं कि एक मित्र ने भूल से एक नियम तोड़ा है।
उत्तर:
मित्र को उसकी भूल का एहसास कराते हुए नियम की जानकारी देंगे।

प्रश्न 2.
एक सहपाठी को कक्षा में दूसरों द्वारा चिढ़ाया जा रहा है।
उत्तर:
सहपाठी को प्रतिक्रिया न देने को कहेंगे और दूसरों को ऐसा करने से रोकने का पूरा प्रयास करेंगे।

प्रश्न 3.
एक समूह परियोजना के बीच एक सहपाठी अपने भाग का कार्य नहीं कर रहा है।
उत्तर:
उस सहपाठी से कार्य न करने का कारण जानने का प्रयास करेंगे और समस्या का निवारण करने में उसकी सहायता करेंगे जिससे वह अपने भाग / हिस्से का कार्य कर सके।



प्रश्न 4.
आपके दो मित्रों के बीच एक छोटी-सी बात पर तर्क-वितर्क हो रहा है।
उत्तर:
दोनों मित्रों से उस बात को वहीं समाप्त करने का आग्रह करेंगे और दूसरी बातों या कार्यों की ओर ध्यान बँटाने का प्रयास करेंगे।

प्रश्न 5.
एक सहपाठी को कुछ ऐसा करने के लिए अनुचित रूप से दंडित किया जा रहा है जिसे उसने नहीं किया।
उत्तर:
यथासंभव प्रयास करेंगे कि अध्यापक को सच्चाई से अवगत कराकर उसे दंड मिलने से बचाया जा सके।

प्रश्न 6.
एक सहपाठी प्रतियोगिता में हार जाने पर उदास है।
उत्तर:
अपने सहपाठी को पुनः अगली प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रेरित करेंगे और अधिक मेहनत करने का सुझाव देंगे।

प्रश्न 7.
कक्षा में चर्चा के बीच एक सहपाठी संकोच कर रहा है और बोलने का अवसर नहीं पा रहा है।
उत्तर:
उसे मैत्रीपूर्ण अनौपचारिक वातावरण प्रदान करने के साथ ही प्रयास करेंगे कि उसे भी यथासंभव बोलने, भाग लेने का अवसर प्राप्त हो ।

प्रश्न 8.
सहपाठी किसी विषय में संघर्ष कर रहा है और आपसे सहायता माँगता है।
उत्तर:
उसके संघर्ष में सहभागी बनने के साथ ही यथासंभव सहायता करने का प्रयास करेंगे, चाहे वह किसी भी स्तर पर हो ।

सुनी कहानी

• हमारे देश और विश्व में अनेक कहानियाँ लोग एक-दूसरे को सैकड़ों-हजारों सालों से सुनते-सुनाते रहे हैं। इन कहानियों को लोककथाएँ कहते हैं। अपने घर या आस-पास सुनी-सुनाई जाने वाली किसी लोककथा को लिखकर कक्षा में सुनाइए। आपने जिस भाषा में लोककथा सुनी है या जिस भाषा में आप लोककथा लिखना चाहें, लिख सकते हैं। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित लोककथाओं को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी समूह में मिलकर यह कार्य स्वयं करेंगे।

Language Learning Tools

आज की पहेली

• नीचे कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। इनके उत्तर आपको कविता में से मिल जाएँगे। पहेलियाँ बूझिए-


उत्तर:
पहेली – 1 – माँ; पहेली -2 – पक्षी; पहेली – 3 – सुरभि

खोजबीन के लिए
माँ, कह एक कहानी
https://www.youtube.com/watch?v=nQUltEEDx4s&ab_channel=NCERTOFFICIAL
हंस किसक
https://www.youtube.com/watch?v=O6Jnj49jMGc&ab_channel=NCERTOFFICIAL
मैथिलीशरण गुप्त द्वारा एक कविता का
https://www.youtube.com/watch?v=sIWB9ZasRNY&t=126s&ab_channel-PrasarBharatiArchives

(विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ संख्या – 13 पर दिए गए लिंक द्वारा निर्देशित जानकारी स्वयं प्राप्त करें।)

NCERT Class 7th Hindi Chapter 2 तीन बुद्धिमान Question Answer

NCERT Class 7th Hindi Chapter 2 तीन बुद्धिमान Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 2 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi तीन बुद्धिमान Question Answer

पाठ से

मेरी समझ से

(क) लोककथा के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन सा है ? उसके सामने तारा (★) बनाइए । कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
लोककथा में पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है?
खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना
पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना
ऊँट का व्यापार करना
गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना

उत्तर:
• पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना (★)



प्रश्न 2.
तीनों भाइयों ने अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
बुद्धि का प्रयोग करके ऊँट के बारे में सब-कुछ बताया जा सकता है।
समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
ऊँट के बारे में जानने के लिए दूसरों पर भरोसा करना चाहिए।

उत्तर:
• समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है। (★)




प्रश्न 3.
राजा ने भाइयों की बुद्धिमता पर विश्वास क्यों किया?
भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया।
राजा को ऊँट के स्वामी की बातों पर संदेह था ।
राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
भाइयों ने राजा को अपनी बात में उलझा लिया था ।

उत्तर:
• भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया। (★)



प्रश्न 4.
लोककथा के पात्रों और घटनाओं के आधार पर, राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है ?
दोषी को कड़ा से कड़ा दंड देना हर समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।
अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
राजा की प्रत्येक बात और निर्णय को सदा सही माना जाना चाहिए।
ऊँट की चोरी के निर्णय के लिए सेवक की बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।

उत्तर:
• अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने भिन्न-भिन्न उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर:

1. पिता की बात का अर्थ पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करने से है ताकि जीवन में किसी भी स्थिति का सामना किया जा सके।

2. तीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके बारे में अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके सही-सही बताया। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि बुद्धि का प्रयोग करके किसी समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण होता है ।

3. मेरे अनुसार राजा द्वारा तीनों भाइयों की बुद्धिमता पर विश्वास करने का कारण उनके द्वारा अपनी बात को तर्क के साथ समझाया जाना था । तर्क से ही किसी भी बात को प्रमाणित किया जा सकता है।

4. मेरे अनुसार राजा के निर्णय के पीछे यह मूल्य छिपा है कि अच्छी तरह से जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। जल्दबाजी में बिना जाँच किए निर्णय लेने से किसी निर्दोष को सज़ा मिल सकती है। इसलिए उचित जाँच-पड़ताल के बाद ही निर्णय लेना चाहिए। यही राजा और प्रजा के हित में होता है।

(विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ चर्चा करके बताएँगे कि उनके द्वारा विकल्प चुनने के क्या कारण हैं ।)

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क) “रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी। ऐसा धन संचित कर लेने पर तुम्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी और तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे।”
उत्तर:
तुम धन यानी रुपये-पैसे पर नहीं बल्कि बुद्धिमानी, समझदारी और सूझबूझ पर ध्यान दोगे। तुम्हारी दृष्टि पैसों की जगह उस समझ पर होगी, जो किसी भी समस्या का हल खोज सकती है। फिर इससे बड़ी पूँजी क्या हो सकती है।

(ख) “हर वस्तु और स्थिति को पूर्णतः समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।”
उत्तर:
चाहे कोई वस्तु हो या परिस्थिति उसे पूरी तरह से जानने, समझने और महसूस करने की कोशिश करो। ऐसा दृष्टिकोण अपनाओ कि कोई भी बात हमारी नज़र से न छूटे।



(ग) “हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”
उत्तर:
हमने अपने परिवेश यानी आसपास के वातावरण और परिस्थितियों को गहराई से समझने की कोशिश की है। हर बात को बुद्धि का प्रयोग करके निष्कर्ष निकालने वाली यह प्रक्रिया बहुत समय लेने वाली होती है।



मिलकर करें मिलान

• इस लोककथा में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे स्तंभ- 1 में दिए गए हैं। उनके भाव या अर्थ से मिलते-जुलते वाक्य स्तंभ -2 में दिए गए हैं। स्तंभ- 1 के वाक्यों को स्तंभ -2 के उपयुक्त वाक्यों से सुमेलित कीजिए-

उत्तर:
1. – 2
2. – 5
3. – 1
4. – 4
5. – 3

सोच-विचार के लिए

लोककथा को एक बार फिर ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) तीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके विषय में कैसे बता दिया था ?
उत्तर:
तीनों भाइयों ने निम्नलिखित बिंदुओं का अवलोकन, अनुमान एवं विश्लेषण करके ऊँट के विषय में बताया-
धूल पर ऊँट के पैरों के चिह्नों से।
ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता था क्योंकि उसने सड़क के केवल एक तरफ़ से ही घास चरी थी ।
बच्चे और महिला के पैरों के निशान से ।

(ख) आपके अनुसार इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व किस बात को दिया गया है- तार्किक सोच, अवलोकन या सत्यवादिता? लोककथा के आधार पर समझाइए ।
उत्तर:
इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व अवलोकन और तार्किक सोच को दिया गया है।

(विद्यार्थी उपर्युक्त उत्तर – संकेत के आधार पर इस प्रश्न का उत्तर स्वयं दें।)

(ग) लोककथा में राजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच क्यों बदल गई?
उत्तर:
लोककथा में राजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच इसलिए बदल गई क्योंकि उन्होंने शांत मन से अपने अवलोकन और तर्कों को बताया। राजा उन भाइयों की बुद्धिमानी, सूझबूझ और निरीक्षण क्षमता से बहुत प्रभावित हुआ। उसे समझ आ गया कि ये चोर नहीं हैं बल्कि गहराई से सोचने वाले सत्यप्रिय और बुद्धिमान लोग हैं।

(घ) ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह क्यों किया ? आपके विचार से उसे क्या करना चाहिए था जिससे उसे अपना ऊँट मिल जाता ?
उत्तर:
ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह किया क्योंकि वे तीनों भाई बिना देखे ऊँट के बारे में बहुत सारी सटीक बातें बता रहे थे। जब व्यक्ति अपना कुछ खो देता है तो वह घबराहट में पूरी बात जाने बिना जल्दी ही किसी पर भी संदेह कर लेता है। यही ऊँट के स्वामी ने भी किया।
हमारे विचार से उसे सीधे आरोप लगाने के बजाय शांत होकर भाइयों से पूछताछ करनी चाहिए थी कि तुम ये सब कैसे जानते हो, क्या तुमने ऊँट को देखा, क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो? अगर वह धैर्य और विश्वास के साथ बात करता, तो शायद वे भाई उसकी तुरंत मदद करते और उसका ऊँट जल्दी मिल जाता ।

(विद्यार्थी इस संदर्भ में अपने विचार स्वयं लिखें।)

(ङ) पिता ने बेटों को “ दूसरे प्रकार का धन” संचित करने की सलाह क्यों दी? इससे पिता के बारे में क्या-क्या पता चलता है?
उत्तर:
पिता ने बेटों को ‘दूसरे प्रकार का धन’ यानी बुद्धि, समझदारी, पैनी दृष्टि, व्यावहारिक ज्ञान संचित करने की सलाह दी क्योंकि असली धन बुद्धिमानी है । यही दूसरा धन है जिसे संचित करना ज़रूरी है ताकि इसके द्वारा जीवन में किसी भी परिस्थिति का सामना किया जा सके। इससे पिता के बारे में यह पता चलता है कि वे एक दूरदर्शी व्यक्ति थे । वे जानते थे कि बुद्धि और विवेक ही असली संपत्ति होती है। उनका उद्देश्य बेटों को सही सोच, निर्णय लेने की क्षमता और समस्या सुलझाने का तरीका सिखाना था।

(विद्यार्थी अपनी समझ के आधार पर उत्तर के कुछ अन्य बिंदुओं पर भी प्रकाश डाल सकते हैं।)

(च) राजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए पेटी का उपयोग किया। इस परीक्षा से राजा के व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में क्या-क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
उत्तर:
राजा द्वारा ली गई परीक्षा से उसके व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वह न्यायप्रिय, धैर्यवान तथा विवेकशील था। उसने बिना पूरा सत्य जाने सीधे उन्हें सजा नहीं दी। आरोप सुनने के बाद उसने स्वयं जाँच और परख करने का निर्णय लिया। उसने तीनों भाइयों की बुद्धिमानी और सत्यता की पुष्टि करनी चाही- यह उसकी व्यावहारिक सोच दिखाता है।

(छ) आप इस लोककथा के भाइयों की किस विशेषता को अपनाना चाहेंगे और क्यों ?
उत्तर:
हम इस लोककथा के भाइयों की सूक्ष्म अवलोकन और तार्किक सोच को अपनाना चाहेंगे क्योंकि सूक्ष्म अवलोकन हमें यह सिखाता है कि बड़ी बातें अकसर छोटे-छोटे संकेतों में छिपी होती हैं। बस हमें ध्यान देने की आवश्यकता होती है। तार्किक सोच हमें भावनाओं में बहने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेना सिखाती है, जो किसी भी समस्या या स्थिति में बहुत उपयोगी है।

(विद्यार्थी अपनी समझ के आधार पर अन्य उत्तर भी लिख सकते हैं।)



अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-

(क) यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?
उत्तर:
यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का परिणाम न्यायहीन और नकारात्मक होता ।

1. इससे उन तीनों निर्दोष भाइयों को सज़ा मिल जाती और यह अन्याय होता।

2. भाइयों की बुद्धिमानी की कदर नहीं होती और उनकी योग्यता दब जाती ।

3. राजा की छवि कमजोर हो जाती और उसकी न्यायप्रियता पर सवाल उठते।

4. कहानी की सीख बदल जाती और यह कहानी यह नहीं सिखा पाती कि बुद्धिमता और सच्चाई की जीत होती है।

5. सच बोलने वालों को सज़ा मिलती जो कि नकारात्मक संदेश होता।

(विद्यार्थी अपने अनुमान और कल्पना के आधार पर कुछ अन्य परिणामों की चर्चा कर सकते हैं।)

(ख) यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत किस प्रकार होता? अपने विचार व्यक्त करें।
उत्तर:
यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत निम्न प्रकार का होता –

1. भाइयों की बुद्धिमता पर संदेह होता।

2. राजा उन्हें दोषी ठहरा सकता था।

3. उन्हें कड़ी सजा मिल सकती थी ।

(विद्यार्थी अनुमान के आधार पर अपने अन्य विचार भी व्यक्त सकते है।)

(ग) लोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?
उत्तर:
लोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था; जैसे-

1. रास्तों की कठिनाई – ऊँट के चलने के निशान रेत पर से जल्दी मिट सकते थे। उन्हें ऊँट के जाने का रास्ता ढूँढ़ने में बहुत मेहनत करनी पड़ती।

2. रास्ता भटकने का डर – ऊँट बिना दिशा देखे चला गया होगा। अगर ये भाई भी उसे ढूँढ़ने जाते तो रास्ता भटक सकते थे।

3. ऊँट के पैरों के निशानों की पहचान में भ्रम- रास्ते में कई ऊँट गए होंगे। इनमें से कौन – सा निशान उसी ऊँट का है, यह तय करना मुश्किल होता।

(घ) यदि राजा के स्थान पर आप होते तो भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किस प्रकार के सवाल या गतिविधियाँ करते? अपनी कल्पना साझा करें।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं को राजा के स्थान पर रखकर भाइयों की परीक्षा लेने के लिए सवाल या गतिविधियों को तैयार करेंगे।



शब्द से जुड़े शब्द

• नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए-

उत्तर:

(विद्यार्थी समूह में चर्चा कर अन्य शब्द भी लिख सकते हैं।)

लोककथा को सुनाना

लोककथा के लिखित रूप में आने से पहले कहानियों का प्रचलन मौखिक रूप में ही पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता था। इसमें कहानी सुनने-सुनाने और याद रखने की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। कहानी कहने या सुनाने वाला इस तरह से कहानी सुनाता था कि सुनने वालों को रोचक लगे। इसमें कहानी सुनने वालों को आनंद तो आता ही था, कथा उन्हें याद भी हो जाती थी।

अब आप अपने समूह के साथ मिलकर इस लोककथा को रोचक ढंग से सुनाइए। लोककथा को प्रभावशाली और रोचक रूप में सुनाने के लिए नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं जो लोककथा को और भी आकर्षक बना सकते हैं—

कथा सुनाना
स्वर में उतार-चढ़ाव— लोककथा सुनाते समय स्वर में या आवाज में उतार-चढ़ाव से उत्साह और रहस्य का निर्माण करें। जब लोककथा में कोई रोमांचक या रहस्यमय पल हो तो स्वर धीमा या तीव्र कर सकते हैं।
भावनाओं की अभिव्यक्ति भावनाओं को प्रकट करने के लिए स्वर का सही चयन करें, जैसे— खुशी, दुख, आश्चर्य आदि को स्वर के माध्यम से दर्शाएँ।
लोककथा के पात्रों के लिए अलग-अलग स्वर— जब लोककथा में अलग-अलग पात्र हों तो हर पात्र के लिए अलग स्वर (ऊँचा, नीचा, तेज, धीमा आदि) का उपयोग किया जा सकता है ताकि उन्हें पहचाना जा सके।
हाथों और शरीर का उपयोग — जब आप लोककथा में किसी घटना का वर्णन करें तब शारीरिक मुद्राओं और चेहरे के भावों का उपयोग किया जा सकता है।
हास्य का प्रयोग— जब कोई हास्यपूर्ण या आनंददायक दृश्य हो तो चेहरे की मुसकान और हँसी के साथ उसे प्रस्तुत करें।
विवरणात्मक भाषा का उपयोग — लोककथा में वर्णित स्थानों और पात्रों को इस प्रकार प्रस्तुत करें कि श्रोता उनकी छवि अपने मन में बना सकें।
रोचक मोड़ — एक-दो बार लोककथा के रोमांचक मोड़ों पर थोड़ी देर के लिए रुकें या श्रोताओं में उत्सुकता होने दें, जैसे— “क्या आप जानना चाहते हैं कि आगे क्या हुआ?”
संवादों को स्पष्ट और प्रासंगिक बनाना – पात्रों के संवाद इस तरह से प्रस्तुत करें कि वे मौलिक लगें।

उत्तर:
विद्यार्थी पृष्ठ संख्या 24 पर दिए गए सुझावों को पढ़कर लोककथा को आकर्षक ढंग से सुना सकते हैं।

कारक

नीचे दिए गए वाक्य को ध्यान से पढ़िए-
“भाइयों जवाब दिया।”
यह वाक्य कुछ अटपटा लग रहा है न? अब नीचे दिए गए वाक्य को पढ़िए—
“भाइयों ने जवाब दिया।”
इन दोनों वाक्यों में अंतर समझ में आया? बिलकुल सही पहचाना आपने! दूसरे वाक्य में ‘ने’ शब्द ‘भाइयों’ और ‘जवाब दिया’ के बीच संबंध को जोड़ रहा है। संज्ञा या सर्वनाम के साथ प्रयुक्त होने वाले शब्दों के ऐसे रूपों को कारक या परसर्ग कहते हैं। कारक शब्दों के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं—
उत्तर:
(विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या – 24-25 को ध्यान से पढ़कर कारक के विषय में समझें ।)



नीचे दिए गए वाक्यों में कारक लिखकर इन्हें पूरा कीजिए-

1. “ हमने तो तुम्हारे ऊँट …….. देखा तक नहीं”, भाइयों ……. परेशान होते हुए कहा।

2. “मैं अपने रेवड़ों …… पहाड़ों …… लिये जा रहा था, उसने कहा, और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे …….. साथ एक बड़े-से ऊँट …….. मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।”

3. राजा ………. उसी समय अपने मंत्री …… बुलाया और उसके कान ……. कुछ फुसफुसाया ।

4. यह सुनकर राजा …… पेटी …… पास लाने …… आदेश दिया। सेवकों …… तुरंत आदेश पूरा किया।

उत्तर:

1. को, ने

2. को, पर, के, पर

3. ने, को, में

4. ने, को, का, ने, से, के

सूचनापत्र

• कल्पना कीजिए कि आप इस लोककथा के वह घुड़सवार हैं जिसका ऊँट खो गया है। आप अपने ऊँट को खोजने के लिए एक सूचना कागज पर लिखकर पूरे शहर में जगह-जगह चिपकाना चाहते हैं। अपनी कल्पना और लोककथा में दी गई जानकारी के आधार पर एक सूचनापत्र लिखिए।

उत्तर:
सूचनापत्र

सूचना का विषय ऊँट खोने के संबंध में
दिनांक : ………. (आमजन)
मैं एक व्यापारी हूँ। मेरा ऊँट रास्ते में कहीं खो गया है। मेरे ऊँट पर मेरी पत्नी और बेटा भी सवार थे इसलिए मेरे लिए वह बुहत मूल्यवान है। मेरे ऊँट की पहचान इस प्रकार है—
वह एक आँख से अंधा है।
ऊँट पर एक महिला और बच्चा सवार हैं। अगर किसी ने इस तरह के ऊँट को देखा है या इसके बारे में कोई जानकारी हो तो कृपया मुझे तुरंत संपर्क करे। सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा।

घुड़सवार
दरबारी चौक ।

पाठ से आगे

आपकी बात

प्रश्न 1.
लोककथा में तीन भाइयों की पैनी दृष्टि की बात कही गई है। क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है? उस समस्या और आपके द्वारा दिए गए हल के विषय में लिखिए।
उत्तर:
हाँ, मैंने भी एक बार अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग एक समस्या को हल करने में किया है। एक बार हमारे विद्यालय में विज्ञान- प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। हमारी टीम ने एक सोलर पावर मॉडल बनाया था लेकिन समस्या तब हो गई जब अचानक सौर पैनल ने काम करना बंद कर दिया जबकि बाकी सब कुछ सही था। टीम के कुछ साथी सोच रहे थे कि शायद बैटरी खराब है।

कुछ ने कहा पूरा सिस्टम बदलना पड़ेगा। लेकिन मैंने शांत होकर उसके एक-एक हिस्से को ध्यान से देखा, मुख्य रूप से पैनल के तारों के जोड़। मुझे दिखाई दिया कि एक पतला तार पैनल से पूरी तरह से नहीं जुड़ा था। वह ढीला था मगर आँखों से साफ़ नज़र नहीं आ रहा था। मैंने उसे ठीक से जोड़ा और मॉडल तुरंत काम करने लगा। इस प्रकार, मैंने समस्या का समाधान पैनी दृष्टि से देखकर कर डाला।

(विद्यार्थी इसी तरह को कोई अपना अनुभव उत्तर के रूप में साझा कर सकते हैं।)



प्रश्न 2.
लोककथा में बताया गया है कि भाइयों ने “बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली ।” यदि आपने ऐसा किया है तो आपको अपने जीवन में इसके क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
उत्तर:
लोककथा के तीनों भाइयों की तरह मैंने भी बचपन से ही यह कोशिश की है कि हर वस्तु घटना और व्यक्ति को ध्यान से देखूँ, समझँ और महसूस करूँ। धीरे-धीरे यह मेरी आदत बन गई। इस आदत से मुझे जीवन में कई लाभ हुए हैं; जैसे-
समस्याओं को जल्दी समझना ।
पढ़ाई में बेहतर समझ होना ।
दूसरों की भावना समझ पाना।
गलतियों से जल्दी सीखना ।

(विद्यार्थी इसी तरह का कोई अपना अनुभव भी साझा करें।)

प्रश्न 3.
लोककथा में भाइयों को यात्रा करते समय अनेक कठिनाइयाँ आईं, जैसे- भूख, थकान और पैरों में छाले । आप अपने दैनिक जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? लिखिए।
उत्तर:
अपने दैनिक जीवन में हम निम्नलिखित कठिनाइयों का सामना करते हैं-

1. समय की कमी।

2. परीक्षा के समय तनाव होना।

3. आत्मसंयम की कमी।

4. कोई विषय या सवाल समझ में न आना। (विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर लिखें।)

प्रश्न 4.
भाइयों ने बिना देखे कि ऊँट के बारे में सही-सही बातें बताईं। क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?
उत्तर:
अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है, अगर हमारे पास अनुभव, समझ और ध्यान से सोचने की क्षमता हो ।

हाँ, हमने भी ऐसा किया है। एक बार हमारी कक्षा में एक सामूहिक परियोजना कार्य चल रहा था। हमारे समूह का एक सदस्य लगातार कार्य में सहयोग नहीं कर रहा था। कुछ विद्यार्थी उसे आलसी और कामज़ोर तक कहने लगे थे। लेकिन मैंने इस समस्या की जड़ तक जाने की सोची तथा उससे इस बारे में बात की। उससे मुझे ज्ञात हुआ कि उसकी माँ की तबीयत बहुत खराब है।

इस कारण वह दुखी था और उसका मन किसी काम में नहीं लग रहा था। मैंने उससे पूछे बिना कोई निर्णय नहीं लिया। उसके व्यवहार और संकेतों को देखकर अंदाजा लगाया और वह अनुमान सही निकला। अपने अनुभव, सूझ-बूझ और गहरी समझ से हम सच्चाई का अनुमान लगा सकते हैं।
(विद्यार्थी अपने अनुभव को साझा करते हुए उत्तर लिखें।)

प्रश्न 5.
जब ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर शंका की तो भाइयों ने बिना गुस्सा किए शांति से उत्तर दिया। क्या आपको लगता है कि कभी किसी को संदेह होने पर हमें भी शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है? ऐसे में आपने क्या किया? – मुझे लगता है कि जब कोई हम पर संदेह करता है, तो हमें गुस्से या झगड़े से जवाब देने की बजाय शांत और समझदारी से उत्तर देना चाहिए । जब हम धैर्य से जवाब देते हैं तो सामने वाला खुद भी सोचने पर मजबूर होता है तथा हमें समझता है।
उत्तर:
मैंने भी ऐसी स्थिति का सामना किया है। एक बार विद्यालय में मेरी कॉपी किसी और की कॉपी से मिलती-जुलती पाई गई। कुछ लोगों को लगा कि मैंने नकल की है जबकि मैंने खुद मेहनत से लिखा था। शुरू में मुझे बहुत गुस्सा आया और बुरा भी लगा।

लेकिन मैंने खुद को शांत किया और अध्यापक से शांति से कहा कि आप चाहें तो मेरे पिछले नोट्स देख लें या मुझसे कोई भी सवाल पूछ लीजिए, मैं प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दे सकता हूँ। उन्होंने मुझसे सवाल पूछे तो उन्हें समझ आ गया कि मैंने नकल नहीं की। बाद में उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हारा शांत रहना ही सबसे बड़ा प्रमाण था कि तुम सच बोल रहे थे।

(विद्यार्थी अपने अनुभव साझा करें।)

प्रश्न 6.
राजा ने भाइयों की बुद्धिमानी देखकर बहुत आश्चर्य व्यक्त किया। क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या किसी विशेष कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है? क्या आपने कभी किसी से कुछ ऐसा सीखा है जो आपके लिए बिलकुल नया और चौंकाने वाला हो ?
उत्तर:
विद्यार्थी अपने अनुभव साझा करें।



प्रश्न 7.
लोककथा में पिता ने अपने बेटों को यह सलाह दी कि वे समझ और ज्ञान जमा करें। क्या आपको कभी किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी कोई सलाह मिली है जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी अपने अनुभव से किसी को ऐसी सलाह देंगे?
उत्तर:
हाँ, मुझे भी एक बार अपने दादा जी से ऐसी सलाह मिली थी जो आज भी मेरे जीवन में बहुत उपयोगी साबित हो रही है। एक बार मैंने भाषण – प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मैं बार-बार अपना भाषण याद कर रहा था किंतु उसे हर बार भूले जा रहा था।

मैं इतना निराश हो गया कि मैंने हार मान ली कि मैं भाषण नहीं दे पाऊँगा। तब मेरे दादा जी ने मुझे हार न मानने की सलाह देते हुए समझाया कि तुम अपनी पूरी कोशिश करो और चीज़ों को समझकर याद करो । हर

कोशिश एक अनुभव है और अनुभव ही असली ज्ञान है। उनकी इस बात ने मुझे झकझोर दिया। उस दिन के बाद से, जब भी मैं किसी मुश्किल में होता हूँ तो खुद से यही सवाल पूछता हूँ कि क्या मैंने पूरी कोशिश की।

हाँ, मैं भी अपने अनुभव से अपने छोटे भाई को ऐसी सलाह देना चाहूँगा ताकि वह भी कठिन परिस्थिति का सामना कर सके।

(विद्यार्थी अपने अनुभव साझा करें।)

प्रश्न 8.
भाइयों में अपने ऊपर लगे आरोपों के होते हुए भी सदा सच्चाई का साथ दिया। क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन क्यों न हो? क्या आपको किसी समय ऐसा लगा है कि आपकी सच्चाई ने आपको समस्याओं से बाहर निकाला हो ?
उत्तर:
हाँ, मुझे पूरी तरह से लगता है कि सच बोलना हमेशा सबसे महत्वपूर्ण होता है। चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हो। सच कभी-कभी तुरंत राहत नहीं देता लेकिन वह हमें दीर्घकालीन सम्मान और भरोसा ज़रूर दिलाता है।
(विद्यार्थी अपने अनुभव साझा करते हुए उत्तर लिखें।)

ध्यान से देखना – सुनना – अनुभव करना

“बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम किसी वस्तु को अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते। हमने वस्तुओं को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”

इस लोककथा में तीनों भाई आसपास की प्रत्येक घटना, वस्तु आदि को ध्यान से देखते, सुनते, सूँघते और अनुभव करते हैं अर्थात् अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का पूरा उपयोग करते हैं। ज्ञानेंद्रियाँ पाँच होती हैं— आँख, कान, नाक, जीभ और त्वचा । आँख से देखकर, कान से सुनकर, नाक से सूँघकर, जीभ से चखकर और त्वचा से स्पर्श करके हम किसी वस्तु के विषय में ज्ञान प्राप्त करते हैं। आइए, अब एक खेल खेलते हैं जिसमें आपको अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का उपयोग करने के अवसर मिलेंगे।

(क) ‘हाँ’ या ‘नहीं’ प्रश्न – उत्तर खेल

चरण-



1. एक विद्यार्थी कक्षा से बाहर जाकर दिखाई देने वाली किसी एक वस्तु या स्थान का नाम चुनेगा। कक्षा के भीतर से भी कोई नाम चुना जा सकता है।

2. विद्यार्थी वापस कक्षा में आएगा और उस नाम को एक कागज पर लिख लेगा। लेकिन ध्यान रहे, वह कागज पर लिखे नाम को किसी को न दिखाए।

3. अन्य विद्यार्थी बारी-बारी से उस वस्तु का नाम पता करने के लिए प्रश्न पूछेंगे।

4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर केवल ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में दिया जाएगा।
उदाहरण के लिए—

· क्या इस वस्तु का उपयोग कक्षा में होता है?

· क्या यह खाने-पीने की चीज है?

· क्या यह लकड़ी से बनी है?

· क्या यह बिजली से चलती है?

5. सभी विद्यार्थी अधिकतम 20 प्रश्न ही पूछ सकते हैं। इसलिए उन्हें सोच-समझकर प्रश्न पूछने होंगे ताकि वे उस वस्तु का नाम पता कर सकें।

6. यदि 20 प्रश्नों के अंदर विद्यार्थी वस्तु का सही अनुमान लगा लेते हैं तो वे जीत जाएँगे।

7. अब दूसरे विद्यार्थी को बाहर भेजकर गतिविधि दोहराएँगे।

8. गतिविधि के अंत में सभी मिलकर इस खेल से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में चर्चा करें।

उत्तर:
पाठ्यपुस्तक पृष्ठ संख्या – 26-27 पर दिए गए नियमानुसार विद्यार्थी कक्षा में स्वयं करें।

(ख) गतिविधि— ‘स्पर्श, गंध और स्वाद से पहचानना’

1. एक थैले या डिब्बे में (सावधानीपूर्वक एवं सुरक्षित) विभिन्न वस्तुएँ (जैसे— फल, फूल, मसाले, खिलौने, कपड़े, किताब, गुड़ आदि) रखें।

2. विद्यार्थियों को आँखों पर पट्टी बाँधकर केवल स्पर्श, गंध या स्वाद का उपयोग करके वस्तु की पहचान करनी होगी और उसका नाम बताना होगा।

3. बारी-बारी से प्रत्येक विद्यार्थी को बुलाकर उसकी आँखों पर पट्टी बाँधे।

4. उसे डिब्बे से एक वस्तु दी जाए। विद्यार्थी उसे छूकर, सूँघकर, चखकर पहचानने का प्रयास करेंगे।

5. सही पहचान करने के बाद विद्यार्थी बताएँगे कि उन्होंने उस वस्तु को कैसे पहचाना।

6. एक-एक करके सभी विद्यार्थियों को अलग-अलग वस्तुओं को पहचानने का अवसर मिलेगा।

7. अंत में सभी वस्तुओं को कक्षा में दिखाएँ और उनके बारे में चर्चा करें कि किस वस्तु को पहचानना आसान या कठिन लगा।

उत्तर:
पाठ्यपुस्तक पृष्ठ संख्या – 27 पर दिए गए नियमानुसार विद्यार्थी इस गतिविधि को कक्षा में स्वयं करें।

आज की पहेली

आपने पढ़ा कि तीनों बुद्धिमान भाई किस प्रकार अपने अवलोकन से वे बातें भी जान जाते थे जो अन्य लोग नहीं जान पाते। अब आपके सामने कुछ पहेलियाँ प्रस्तुत हैं जहाँ आपको कुछ संकेत दिए जाएँगे । संकेतों के आधार पर आपको उत्तर खोजने हैं-



प्रश्न 1.
कौन है यह प्राणी?

1. इसकी लंबी पूँछ होती है जो पेड़ों की शाखाओं के चारों ओर लिपटी रहती है।

2. इसका मुख्य आहार कीट और छोटे जीव होते हैं जिन्हें यह चुपके से पकड़ता है।

3. यह प्राणी अपने परिवेश में घुल-मिल जाता है और अपनी रंगत को बदल सकता है।

4. इसके पास तेज आँखें होती हैं जो चारों दिशाओं में देख सकती हैं।

उत्तर:
गिरगिट



प्रश्न 2.
रंगीन डिब्बे

एक मेज पर चार रंगीन डिब्बे बराबर-बराबर रखे हैं- लाल, हरा, नीला और पीला । बताइए पीले डिब्बे के बराबर में कौन-सा डिब्बा है? यदि –

1. लाल डिब्बा नीले डिब्बे के पास है।

2. हरा डिब्बा पीले डिब्बे के पास नहीं है।

3. पीला डिब्बा लाल डिब्बे के पास नहीं है।

4. हरा डिब्बा लाल डिब्बे के पास है।

उत्तर:
नीला

खोजबीन के लिए

नीचे दिए गए लिंक का प्रयोग करके आप बहुत-सी अन्य लोककथाएँ देख-सुन सकते हैं—
सुनो लोककथा
https://www.youtube.com/watch?v=JEti31XNpmA

दुनिया की
https://www.youtube.com/watch?v=PehlQ71udFg
भूल चूक लेनी देनी
https://www.youtube.com/watch?v=GjYW-CZIDEA

उत्तर:
(विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ संख्या – 28 पर दिए गए लिंकों का प्रयोग करके विद्यार्थी अन्य लोककथाएँ देखें- सुनें।)

NCERT Class 7th Hindi Chapter 3 फूल और काँटा Question Answer

NCERT Class 7th Hindi Chapter 3 फूल और काँटा Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 3 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi फूल और काँटा Question Answer

पाठ से

पाठ्यपुस्तक सहायता

मेरी समझ से

(क) कविता के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★) बनाइए । कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है। काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।


उत्तर:
काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है। (★)

प्रश्न 2.
कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का ।
फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।

उत्तर:
फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं। (★)
फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं। (★)

प्रश्न 3.
कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है ?
व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।


उत्तर:
व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं। (★)
यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है। (★)

प्रश्न 4.
कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है ?
धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।



उत्तर:
बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है। (★)

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-
अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर:
(1) कविता में काँटे के नकारात्मक स्वभाव का वर्णन है, इसी कारण इस विकल्प का चयन किया गया है।

(2) मेरे अनुसार इस प्रश्न के दो विकल्प चुनने का कारण है कि फूल और काँटा दोनों एक ही समान पालन-पोषण प्राप्त करने के बाद भी अलग-अलग प्रवृत्ति अपनाते हैं। फूल हम सभी को प्यारे लगते हैं किंतु काँटा जब हमें चुभता है तो हमें उस पर क्रोध ही आता है।



(3) मेरे द्वारा इस प्रश्न के भी दो विकल्पों का चयन किया गया क्योंकि मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने द्वारा किए अच्छे कार्यों तथा अपने उदार स्वभाव से ही पहचाना जाता है और इसी कारण उसके परिवार या कुल का मान बढ़ता है। अन्यथा कुछ ऐसे भी लोग हैं जो उच्च कुल में जन्म लेने के पश्चात अपने बुरे कार्यों से अपने वंश का नाश करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

(4) मेरे अनुसार ‘बड़प्पन’ का अर्थ व्यक्ति के द्वारा किए अच्छे कर्मों, दूसरों के प्रति उसके स्वभाव तथा उसके भीतर छिपे गुणों से है जो दूसरों की मौलिकता का हनन न करके उन्हें अपने साथ लेकर चलते हैं। ऐसे व्यक्ति जग में प्रसिद्धि पाते हैं क्योंकि उनका स्वभाव छल-कपट से रहित होता है तथा वे दूसरों के लिए भी हितकारी होते हैं।

(विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ चर्चा करके बताएँगे कि उनके द्वारा विकल्प चुनने के क्या कारण हैं ।)

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

पाठ्यपुस्तक सहायता

(क) “मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।’
उत्तर:
प्रकृति की परिस्थितियाँ जैसे बादल का बरसना, हवाओं का बहना आदि सभी परिस्थितियाँ फूल और काँटे के लिए समान होती हैं, फिर भी इनमें स्वभावगत अंतर होता है। ठीक इसी तरह से हालात समान होने पर भी व्यक्ति स्वभाव या व्यवहार में भिन्न हो सकते हैं। फूल और काँटे का प्रतीकात्मक प्रयोग कर कवि ने हमें अप्रत्यक्ष रूप से यह समझाने का प्रयास किया है कि व्यक्ति के स्वभाव और दृष्टिकोण पर निर्भर करता है कि वह फूल की तरह सुख दे या काँटे के समान दुख ।



(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर । ”
उत्तर:
उच्च कुल में जन्म लेना ही मात्र किसी की विशेषता या गुण नहीं है, जब तक कि व्यक्ति के व्यवहार में विनम्रता, दया, परोपकारिता आदि का भाव विद्यमान न हो। यदि किसी व्यक्ति के भीतर गुणों की कमी हो, उसके व्यवहार या चरित्र में महानता न हो, तो एक श्रेष्ठ कुल या ऊँचे परिवार में उसका जन्म लेना व्यर्थ हो जाता है।

कहने का अभिप्राय यह है कि व्यक्ति स्वयं अपने आचरण तथा गुणों से अपने कुल का नाम ऊँचा करता है तथा उसे सार्थक बनाता है। इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि रावण, जो कि परम ज्ञानी तथा शक्तिशाली था, वह उच्च कुल में जन्मा था, किंतु अहंकार और अधर्म के कारण उसका नाश हुआ। वहीं दूसरी ओर राम भी श्रेष्ठ कुल से संबंधित थे, किंतु अपने व्यवहार, सहिष्णुता एवं धर्म का पालन करने के कारण उन्होंने श्रेष्ठता अर्जित की और महान बने ।



अतः व्यक्ति को इस बात का घमंड नहीं करना चाहिए कि वह किस कुल में जन्मा है, अपितु वह अपने आचरण से समाज को क्या दे रहा है, यह उसके लिए आवश्यक होना चाहिए।

मिलकर करें मिलान

• इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए-

उत्तर:


• विद्यार्थी अपने साथियों के साथ मिलकर इनको अन्य प्रतीक के रूप में भी बता सकते हैं; जैसे-
फूल – विनम्रता, सौम्यता, सज्जनता, त्याग, सेवा आदि ।
काँटा – अहंकारिता, क्रूरता, दुर्गुण, कटुता, आत्म- केंद्रिकता आदि ।

सोच-विचार के लिए

कविता को एक बार पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
उत्तर:
सभी पौधों पर समान रूप से लागू होने वाली समानताएँ, जिनका उल्लेख कविता में किया गया है। वे हैं-

1. एक ही धरती पर जन्म लेना ।

2. रात में चाँद की चाँदनी समान रूप से पड़ना ।

3. बादलों का समान रूप से बरसना ।

4. हवा का समान रूप से मिलना।

(ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन – सा अंतर दिखाई दिया?
उत्तर:
फूल कोमल, सुखदायी, सुगंध देने वाला तथा प्रेमपूर्वक व्यवहार करने वाला है किंतु इसके विपरीत काँटा कठोर, कष्टदायी तथा अहंकारी प्रवृत्ति वाला है।

(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
इस कविता में मुख्य रूप से यह बात कही गई है कि व्यक्ति का स्वभाव ही उसे महानता या हीनता की ओर अग्रसर करता है। हमें फूल की भाँति विनम्र, सेवा-भाव से युक्त तथा दूसरों को आनंद देने वाला होना चाहिए, न कि काँटे जैसा जो दूसरों को पीड़ा और दुख ही प्रदान करता है। कुल, जाति या परिस्थितियाँ नहीं, अपितु व्यक्ति का आचरण, उसका अच्छा स्वभाव तथा उसके कर्म ही उसकी असली पहचान बनते हैं।



(घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर ।” उदाहरण देकर समझाइए |
उत्तर:
इस पंक्ति में यह बताया गया है कि कुल की प्रतिष्ठा तब तक कोई मायने नहीं रखती जब तक कि व्यक्ति के स्वभाव या उसके कर्मों से बड़प्पन न दिखे। इस बात को इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि दुर्योधन जो धृतराष्ट्र का पुत्र और कुरु वंश का राजकुमार था, वह अपने अहंकार, द्वेष और अधर्म के कारण निंदनीय बना।

(ङ) “ है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर । ” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
उत्तर:
लोग ऐसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं जो फूल की भाँति विनम्र, हितकारी, दयालु तथा सुखदायी हों और ऐसे स्वभाव वाले लोगों से दूर रहना पसंद करते हैं जो काँटे की भाँति कठोरता रखने वाले, स्वार्थी तथा अहित कर हों।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-



(क) कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?
उत्तर:
चाँदनी के बिना पौधे अंधकार में रहेंगे, वे मुरझाने लगेंगे, क्योंकि उन्हें रात में चंद्रमा की शीतलता प्राप्त नहीं हो सकेगी। हवा के बिना बाकी पौधे ठीक से बड़े नहीं हो पाएँगे, कुम्हलाने लगेंगे। उनकी पत्तियाँ सूखने व गिरने लगेंगी। मेघ के जल के बिना अन्य पौधे प्यासे रह जाएँगे, उनका जीवन खत्म हो जाएगा, क्योंकि उनकी मिट्टी सूख जाएगी। इन सबके बिना बाकी पौधे मुरझाए हुए लगेंगे तथा उनकी जीवन-शक्ति खत्म – सी हो जाएगी।

(ख) यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती ?
उत्तर:
यदि सभी पौधे एक जैसे होते जो दुनिया में सब जगह एक ही आकार की पत्तियों, रंग तथा सुगंध वाले फूल होते । इस एकरूपता से दुनिया नीरस और उबाऊ लगती। कहीं कोई नयापन, विविधता नहीं होती। मनुष्य को प्रकृति से किसी प्रकार की प्रेरणा नहीं मिलती तथा वह प्रेरणा रहित हो जाता।



(ग) यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?
उत्तर:
काँटे पौधों के सुरक्षा कवच होते हैं। यदि हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो फूलों की रक्षा करने वाला कोई नहीं होता । पशु-पक्षी उनको आसानी से खराब कर देते। कई स्थानों पर विशेष कर रेगिस्तानी और कठोर जलवायु वाले क्षेत्रों में पौधों का अस्तित्व संकट में पड़ जाता क्योंकि बिना काँटों के वे जीवित नहीं रह पाते।

(घ) कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा ?
उत्तर:
तितली का काँटे से संवाद कुछ इस प्रकार का होगा-
तितली – काँटे भैया! आज तो बहुत चमचमाती धूप है, पर तुम अब भी पहले जैसे ही दिख रहे हो।
काँटा – तितली बहन मैं तो ऐसा ही हूँ । तुम्हारी तरह रंग-बिरंगी और मुलायम होना मेरे नसीब में नहीं!
तितली – अरे नहीं भैया! तुम अपने को कम मत समझो। तुम्हारे बिना तो फूलों की रक्षा ही नहीं होती।
काँटा – (आश्चर्य से) क्या सच में? मुझे तो सब दूर से देखकर डरते हैं।
तितली – (हँसते हुए) तुम बाहर से कठोर हो, लेकिन तुम्हारे अंदर भी जीवन के लिए प्रेम है। तुम तो फूलों के रक्षा कवच हो ।
काँटा – (मुसकराकर) शुक्रिया तितली बहन, तुम्हारी बातें सुनकर अच्छा लगा। चलो, आज से हम अच्छे दोस्त हुए !
तितली – हाँ-हाँ, क्यों नहीं। आज से हम पक्के दोस्त हैं।



(ङ) कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए ।
उत्तर:
मैं काँटे और फूल दोनों के गुणों को अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी क्योंकि फूल हमें कोमलता, मधुरता, प्रेम, करुणा आदि की बात, सिखाते हैं। वहीं दूसरी ओर काँटे से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमें कठिन परिस्थितियों में कैसे टिके रहना है। ये हमें शक्तिशाली बनने तथा कठिनाइयों का सामना करने की सीख देते हैं।

शब्द से जुड़े शब्द

• नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए-

उत्तर:

(विद्यार्थी समूह में चर्चा कर अन्य शब्द भी लिख सकते हैं।)

बड़प्पन

‘बड़प्पन’ शब्द ‘बड़ा’ और ‘पन’ से मिलकर बना है। इसका अर्थ होता है— बड़ाई, श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव, महत्व, गौरव। इसका उपयोग मुख्य रूप से व्यक्तित्व, गुण और चरित्र की ऊँचाई या महानता बताने के लिए किया जाता है, जैसे उनकी सादगी और बड़प्पन ने सबका मन जीत लिया।

• नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द ‘बड़प्पन’ के भाव को व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए ।

उत्तर:


कविता की रचना



“फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौंर को अपना अनूठा रस पिला ।
निज सुगंधों औ निराले रंग से,
है सदा देता कली का जी खिला।”

इस पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस शब्द को पहले कहीं पढ़ा है? यह शब्द है – ‘और’। कविता में ‘र’ वर्ण नहीं लिखा गया है। कई बार बोलते हुए हम शब्द की अंतिम ध्वनि उच्चरित नहीं करते हैं । कवि भी कविता की लय के अनुसार ऐसा प्रयोग करते हैं। इस कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं, जैसे- ‘प्यार में डूबी तितलियों’ के स्थान पर ‘प्यार- डूबी तितलियों’ का प्रयोग किया गया है। हर दूसरी पंक्ति का अंतिम शब्द मिलती-जुलती ध्वनि वाला यानी ‘तुकांत’ है आदि।



(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर:
भाषायी विशेषताओं की सूची निम्नलिखित रूप से बनाई जा सकती है-
कविता की गेयता बनाए रखने के लिए पदक्रम का अनूठा प्रयोग देखने को मिलता है; जैसे- ‘ हैं जनम लेते जगह में एक ही’।
तुकांता शब्दों की वजह से संगीतात्मकता प्रभावी रूप से व्यक्त हुई है; जैसे— पालता – डालता, बही- नहीं आदि।
कविता में लाक्षणिता का उपयोग किया गया है; जैसे- ‘फूल लेकर तितलियों की गोद में ‘ ।
कविता में उपमा अलंकार का सुंदर और स्वाभाविक प्रयोग दिखता है; जैसे- ‘जीवन एक फूल की तरह है और कठिनाइयाँ काँटों की तरह ।

(नीचे दी गई विशेषताओं की सूची को भी सूची में शामिल कर सकते हैं।)

(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं । विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।

उत्तर:
1. – 2, 4
2. – 4, 5
3. – 1
4. – 2, 6
5. – 4

कविता का सौंदर्य

(क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए ।

उत्तर:
1.

2.


(ख) अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए, कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?
उत्तर:
कविता की इन पंक्तियों में सबसे अधिक वही शब्द जँच रहे हैं जिनका प्रयोग कवि द्वारा किया गया है। इनके अतिरिक्त कुछ और शब्द भी चिह्नित किए गए हैं; जो कि जँच रहे हैं। कारण यह है कि तत्सम शब्दों के तत्सम शब्द ; देशज शब्दों के साथ देशज शब्द तथा तद्भव शब्दों साथ तद्भव शब्दों का प्रयोग अच्छा लगता है।

विशेषण


“भौंर का है बेध देता श्याम तन।”
‘श्याम तन’ का अर्थ है- काला शरीर । यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है, अर्थात् ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है ।

(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए-

उत्तर:


(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए-

उत्तर:
1. सुंदर, रंग-बिरंगे
2. मोटा, नुकीला
3. घना, काला
4. आधा, पूरा
5. अँधेरी, डरावनी

पाठ से आगे

पाठ्यपुस्तक सहायता

आपकी बात

(क) यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों ?
उत्तर:
मैं फूल को चुनूँगा / चुनूँगी क्योंकि वह दूसरों को खुशियाँ बाँटता है। लोगों के जीवन में सुगंध और सुंदरता भर देता है। फूल की भाँति हम भी लोगों में प्रेम, खुशियाँ आदि बाँटने का कार्य कर सकते हैं।

(ख) कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
क्या-क्या करते हैं- मैं अपने परिवार के सदस्यों के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए बड़ों की सभी बातों का पालन करता/करती हूँ, घर के छोटे-छोटे कामों में अपनी माँ का हाथ बँटाता/बँटाती हूँ; जैसे- चीज़ों को सही जगह पर रखना आदि ।



मित्रों के जीवन में प्रसन्नता लाने के लिए मैं उन्हें हँसाता/हँसाती हूँ। उनसे ईर्ष्या नहीं करता/करती। अपना सामान साझा करता / करती हूँ ।
क्या – क्या कर सकते हैं- परिवार के सदस्यों व मित्रों से हम अपनी गलती के लिए क्षमा माँग सकते हैं। एक अच्छा श्रोता बनकर उनकी बात सुन सकते हैं। बड़ों के साथ बैठकर बातें कर सकते हैं। मित्रों को सरप्राइज़ दे सकते हैं। खुले दिल से सराहना कर सकते हैं। दादा-दादी / नाना-नानी के साथ समय बिता सकते हैं।

(ग) ‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं। फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए ।
(संकेत – वस्तुएँ, जैसे- नमक और चीनी; स्वभाव, जैसे- शांत और क्रोधी; स्वाद, जैसे- खट्टा-मीठा; रंग, जैसे- काला- सफेद, अनुभव, जैसे- सुख-दुख आदि)
उत्तर:
वस्तुएँ – आग – पानी
स्वभाव – दयालु, निर्दयी
स्वाद – फ़ीका – चटपटा
रंग – श्वेत – श्याम
अनुभव – आशा – निराशा

(घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन। ” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए, जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए |
उत्तर:
मेरे आस-पास की एक समस्या जो काँटे के समान चुभती है, वह है- कठोर भाषा में की गई ‘शब्दों की चोट ‘ ।
कई बार लोग गुस्से में या मज़ाक में ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं जो हमारे मन को गहरी चोट पहुँचाते हैं। जैसे काँटा उँगली में चुभता है, वैसे ही ये कठोर या अपमानजनक शब्द हमारे हृदय में भीतर तक चुभते हैं।

काँटे जैसी इस समस्या का समाधान- शब्दों में बहुत ताकत होती है, इसलिए पहले रुककर सोचें, क्या कह रहे हैं और फिर बोलें। हर व्यक्ति के भीतर भावनाएँ होती हैं। हमें सीखना चाहिए कि दूसरों की भावनाओं की कद्र कैसे करें। अगर गलती से कुछ कठोर कह दिया हो, तो माफ़ी माँगें और सुधार लाएँ। इससे संबंधों में मज़बूती आती है और हम खुद भी बेहतर बनते हैं।

सृजन

(क) इस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए। आप चित्र में जहाँ चाहें, अपने मनोनीत रंग भर सकते हैं। आप बिना रंगों या केवल उपलब्ध रंगों की सहायता से भी चित्र बना सकते हैं। चित्र बिलकुल मौलिक लगे इसकी चिंता करने की भी आवश्यकता नहीं है। आप अपनी कल्पना को जैसे मन करे, वैसे साकार कर सकते हैं।
उत्तर:
(विद्यार्थी अपनी कल्पना को उड़ान देते हुए इस कविता पर आधारित चित्र बनाएँगे।)

(ख) मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए । संवाद का विषय निम्नलिखित हो सकता है-

उनके गुणों और विशेषताओं पर चर्चा ।
यह समझाना कि उनका जीवन में क्या योगदान है।

उदाहरण-

फूल – मैं दूसरों के जीवन में सुगंध और सुख फैलाने आया हूँ।
काँटा – और मैं संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए आया हूँ।
उत्तर:
फूल – (मुसकराते हुए) नमस्ते काँटे भाई ! लोग मुझे देखकर खुश होते हैं, मेरी खुशबू से महकते हैं। कहते हैं कि मैं सुंदरता और प्रेम का प्रतीक हूँ।
काँटा – (थोड़ा गंभीर होकर) नमस्ते फूल भाई ! तुम्हारी कोमलता और महक सचमुच मन को भाती है। लेकिन क्या तुम जानते हो कि अगर मैं न होता, तो तुम्हारी यह सुंदरता कोई भी आसानी से छीन लेता ।
फूल – (चौंकते हुए) बिलकुल सही कहा ! तुम तो मेरी रक्षा करते हो। जब भी कोई मुझे तोड़ने आता है, उसका पहले तुमसे सामना होता है।
काँटा – (गर्व से) हाँ, मैं भले ही कठोर हूँ, पर मेरा उद्देश्य सिर्फ़ सुरक्षा है। मैं संघर्ष और सहनशीलता का प्रतीक हूँ। जीवन में हर चीज़ कोमल नहीं होती, कभी-कभी कठोरता भी ज़रूरी होती है।
फूल – (सोचते हुए) सच है । मैं तो सभी को सौंदर्य, प्रेम और शांति देता हूँ, लेकिन तुम्हारे बिना मेरी पहचान अधूरी है। अगर तुम न हो, तो मैं सुरक्षित नहीं।
काँटा – और मैं, जिसे लोग नापसंद करते हैं, दरअसल उन्हें यह सिखाता हूँ कि जीवन में हर सुंदर चीज़ के साथ कुछ कठिनाइयाँ भी होती हैं, जैसे तुम्हारे साथ मैं हूँ।
फूल – (मुसकराकर) तुम्हारी बातों से तो आज मुझे भी नई सीख मिली। कोमलता और कठोरता, दोनों मिलकर ही जीवन को संतुलित बनाते हैं।
काँटा – हाँ, और इसी से हमारी पहचान है कि एक प्रेम और सौंदर्य देता है, दूसरा साहस और सुरक्षा । दोनों की बराबर ज़रूरत है।

वाद-विवाद

विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है— ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है’।

कक्षा में वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन करने के लिए कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं-


1. आपकी कक्षा में पहले से सात-आठ समूह बने होंगे। आधे समूह ‘फूल’ के पक्ष में तर्क देंगे। आधे समूह ‘काँटे’ के पक्ष में तर्क देंगे।

2. एक समूह निर्णायक मंडल की भूमिका निभाएगा। निर्णायक मंडल का काम होगा—

· तर्कों को ध्यान से सुनना।

· प्रस्तुति शैली और तर्कों की गहराई के आधार पर अंकों का निर्धारण करना।

3. प्रत्येक समूह को तैयारी के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा ताकि वे अपने तर्क तैयार कर सकें। सभी समूह अपने-अपने तर्क मिलकर सोचेंगे और लिखेंगे।

4. प्रत्येक समूह को अपने पक्ष में बोलने के लिए तीन-चार मिनट का समय मिलेगा। दूसरा समूह पहले समूह के तर्कों पर एक-दो मिनट में उत्तर देगा या उनसे प्रश्न पूछेगा।

5. सभी प्रतिभागियों को एक-दूसरे की बात ध्यान से सुननी होगी। बीच में टोकने की अनुमति किसी को नहीं होगी।

6. सभी समूहों का क्रम तय किया जाएगा। वाद-विवाद के लिए क्रम इस प्रकार हो सकता है—

· समूह 1 (फूल के पक्ष में)

· समूह 2 (काँटे के पक्ष में)

· समूह 3 (फूल के पक्ष में)

· समूह 4 (काँटे के पक्ष में)

7. जो और इसी क्रम से आगे बढ़ें।
समूह निर्णायक मंडल का कार्य कर रहा है, वह वाद-विवाद के अंतराल में तर्क, भाषा कौशल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंकों का निर्धारण करेगा।

8. निर्णायक मंडल अंकों के आधार पर विजेता समूह का निर्णय करेगा।

9. समूहों के प्रयासों के लिए तालियाँ बजाएँ और उनकी प्रशंसा करें। संभव हो तो विजेता समूह को कोई पुरस्कार या प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।

10.विद्यार्थी वाद-विवाद गतिविधि के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।


उत्तर:
कक्षा में विद्यार्थियों के विभिन्न समूह बनाकर इस वाद – विवाद गतिविधि का आयोजन किया जाएगा तथा पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या-38 पर दिए गए सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर समूह अपनी प्रस्तुति देंगें।

आज की पहेली

• नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र दिए गए हैं, जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए-

उत्तर:


खोजबीन के लिए
रंग-बिरंगे फूलों से
https://www.youtube.com/watch?v=rIXpoQy4sHc
फूलों की घाटी में – कवित
https://www.youtube.com/watch?v=yyrbxCtbgWg

उत्तर:
(विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ संख्या – 40 पद दिए गए लिंक पर ‘रंग-बिरंगे फूलों से’ तथा ‘फूलों की घाटी में – कविता’ पढ़ेंगे।)

मंगलवार, 9 दिसंबर 2025

NCERT Class 7th Hindi Chapter 4 पानी रे पानी Question Answer

 NCERT Class 7th Hindi Chapter 4 पानी रे पानी Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 4 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi पानी रे पानी Question Answer

पाठ से

मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए । कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

पानी रे पानी पुस्तक

प्रश्न 1.
हमारा भूजल भंडार निम्नलिखित में से किससे समृद्ध होता है?

  • नल सूख जाने से ।
  • पानी बरसने से।
  • तालाब और झीलों से।
  • बाढ़ आने से ।

उत्तर:

  • पानी बरसने से।
  • तालाब और झीलों से।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन – सी बात जल चक्र से संबंधित है?

  • वर्षा जल का संग्रह करना ।
  • समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना ।
  • नदियों का समुद्र में जाकर मिलना ।
  • बरसात में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई देना ।

NCERT पाठ्यपुस्तकें

उत्तर:

  • समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना । (★)
  • नदियों का समुद्र में जाकर मिलना ।

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी

प्रश्न 3.
“
इस बड़ी गलती की सजा अब हम सबको मिल रही है।” यहाँ किस गलती की ओर संकेत किया गया है?

  • जल – चक्र की अवधारणा को न समझना ।
  • आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करना ।
  • तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना ।
  • भूजल भंडारण के विषय में विचार न करना ।

उत्तर:

हिन्दी कहानी संग्रह

  • तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना । (*)
  • भूजल भंडारण के विषय में विचार न करना। (*)

(ख) अब अपने मित्रों के साथ संवाद कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर:

1.    पाठ में भूजल भंडार को समृद्ध करने में वर्षा, तालाब और झीलों को महत्वपूर्ण माना गया है। अतः मेरे द्वारा इन विकल्पों का चयन किया गया है।

2.    मेरे द्वारा इस प्रश्नं के चुने हुए दोनों विकल्प इसलिए तर्क संगत हैं क्योंकि यही दोनों जल-चक्र की प्राकृतिक प्रक्रिया के अंग हैं।

3.    मेरे द्वारा इस प्रश्न के दोनों विकल्प चुनने का कारण यह है कि पाठ में ‘बड़ी गलती’ तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करने को माना गया। इस गलती के पीछे हमारी अदूरदर्शिता है। साथ ही भूजल भंडारण पर हमने विचार नहीं किया, जिसकी वजह से जल – संचयन की परंपरागत व्यवस्था को हमने बरबाद कर दिया है।

(विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ चर्चा करके बताएँगे कि उनके द्वारा विकल्प चुनने के क्या कारण हैं।)

मिलकर करें मिलान

• पाठ में से कुछ शब्द समूह या संदर्भ चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं और उनके अर्थ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर सही मिलान कीजिए-
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 1
उत्तर:
1. – 2
2. – 3
3. – 4
4. – 1

पंक्तियों पर चर्चा

इस पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए ।

  • “पानी आता भी है तो बेवक्त।”
  • “देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।”
  • “कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है। “
  • ‘अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।’

उत्तर:
विद्यार्थी निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखकर इन पंक्तियों का चर्चा कर सकते हैं-

चर्चा हेतु संकेत- बिंदु-

• “पानी आता भी है तो बेवक्त।
कारण-

1.    पानी की आपूर्ति में अनियमितता

2.    पाइप लाइन में लीकेज

3.    पंपिंग स्टेशन की समस्या

4.    जल-संचयन और आपूर्ति में असमानता

समाधान-

1.    पाइप लाइन की मरम्मत में तत्परता

2.    पंपिंग स्टेशन का समुचित रखरखाव

3.    जल-संचयन और जल – आपूर्ति में समानता

• “देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।”
कारण-

1.    बारिश की कमी

2.    जल संसाधन का अभाव

3.    जनसंख्या में वृद्धि

4.    जल की बरबादी

5.    ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण

समाधान-

1.    जल-संचयन

2.    जल-प्रबंधन

3.    जल-प्रदूषण का नियंत्रण

4.    पेड़-पौधा का रोपण एवं संरक्षण

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी

• “कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है। ”
कारण-

1.    जल – भराव

2.    जल-निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव

3.    अपर्याप्त बुनियादी ढाँचा

4.    अतिक्रमण

समाधान-

1.    जल-निकासी की समुचित व्यवस्था

2.    बुनियादी ढाँचे में सुधार

3.    जल-संचयन पर बल

4.    अतिक्रमण पर रोक

• ‘अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ”
कारण-

1.    बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग

2.    वनस्पतियों का विनाश

3.    जल-संरक्षण की उपेक्षा

समाधान-

1.    प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग

2.    वनस्पति संरक्षण पर बल

3.    जल-संरक्षण की परंपरागत विधियों को अपनाना

सोच-विचार के लिए

लेख को एक बार पुनः पढ़िए और निम्नलिखित के विषय में पता लगाकर लिखिए-

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 13

(क) पाठ में धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक क्यों कहा गया है?
उत्तर:
‘
पानी रे पानी’ पाठ में धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक कहा गया है क्योंकि इसमें पानी का भंडार है और यह पानी को संचित करती है। गुल्लक में पैसे जमा करने की तरह, धरती में पानी जमा होता है और इसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

(ख) जल-चक्र की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है ?
उत्तर:
जल-चक्र की प्रक्रिया एक प्राकृतिक एवं सतत प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पृथ्वी पर जल निरंतर संचरण करता रहता है। यह प्रक्रिया सूर्य की गर्मी से शुरू होती है, जब समुद्र, नदियों, झीलों और अन्य जल स्रोतों का पानी वाष्पित होकर आकाश में चला जाता है, इसे वाष्पीकरण (Evaporation) कहा जाता है। पेड़-पौधे भी अपने पत्तों के माध्यम से जल को वाष्प के रूप में छोड़ते हैं, जिसे संवहन (Transpiration) कहते हैं।

 

जब जल-वाष्प ऊँचाई पर पहुँचता है, तो ठंडी हवा से मिलने पर संघनित होकर बादलों का रूप ले लेता है। इस प्रक्रिया को संघनन (Condensation) कहते हैं। बादलों में जल की मात्रा अधिक हो जाने पर वह पानी, हिम या ओलों के रूप में पृथ्वी पर वापस गिरता है, जिसे वर्षा (Precipitation) कहते हैं। यह जल पुन: नदियों, झीलों, समुद्रों और भू-जल में एकत्र होता है। इस प्रकार यह पानी फिर से वाष्पित होकर जल चक्र को जारी रखता है। यह चक्र पृथ्वी पर जल की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जीवन के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।

(ग) यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँ तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँ तो इसके परिणाम बहुत गंभीर होंगे। कुछ संभावित परिणाम निम्नलिखित हैं-

1.    पानी की कमी – सबसे पहले और सबसे बड़ा प्रभाव पानी की कमी होगी। पीने के पानी की कमी के कारण लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ।

2.    कृषि पर प्रभाव – कृषि के लिए पानी की कमी के कारण फसलों की उत्पादकता कम हो जाएगी, जिससे खाद्य-सुरक्षा पर प्रभाव पड़ेगा।

3.    जलवायु परिवर्तन – जल- स्रोतों के सूखने से जलवायु- परिवर्तन की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी, जिससे तापमान में वृद्धि और मौसम की अनियमितता बढ़ जाएगी।

4.    जैव विविधता पर प्रभाव – नदियों, झीलों और तालाबों के सूखने से जैव विविधता पर भी प्रभाव पड़ेगा, जिससे कई प्रजातियों के अस्तित्व को खतरा हो जाएगा।

5.    आर्थिक प्रभाव – जल स्रोतों के सूखने से आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ेगा, जैसे कि जल विद्युत परियोजनाओं, मत्स्य पालन और पर्यटन उद्योग आदि।

6.    मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव- पानी की कमी के कारण मानव स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ेगा, जैसे कि जलजनित रोगों की वृद्धि और पोषण की कमी।

इन परिणामों को देखते हुए, जल स्रोतों का संरक्षण और प्रबंधन करना बहुत ज़रूरी है। हमें जल संचयन तथा जल संरक्षण के लिए काम करना होगा ताकि जल- ल-स्रोतों को बचाया जा सके।

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी

(घ) पाठ में पानी को रुपयों से भी कई गुना मूल्यवान क्यों बताया गया है ?
उत्तर:
‘
पानी रे पानी’ पाठ में पानी को रुपये से भी कई गुना मूल्यवान बताया गया है क्योंकि पानी जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। पानी के बिना जीवन असंभव है, जबकि रुपये की अनुपस्थिति में भी जीवन चल सकता है।

पानी की महत्ता को इस प्रकार समझा जा सकता है-

1.    जीवन के लिए आवश्यक – पानी जीवन के लिए आवश्यक है। यह मनुष्य की प्रथम आवश्यकता है, जबकि रुपये की आवश्यकता बाद में आती है।

2.    स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण – पानी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि रुपये से स्वास्थ्य नहीं खरीदा जा सकता है।

3.    अनिवार्य आवश्यकता – पानी एक अनिवार्य आवश्यकता है, जबकि रुपये की आवश्यकता वैकल्पिक है।
इन कारणों से पानी को रुपये से भी कई गुना मूल्यवान बताया गया है।

शीर्षक

(क) इस पाठ का शीर्षक ‘पानी रे पानी’ दिया गया है। पाठ का यह नाम क्यों दिया गया होगा? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए। अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
उत्तर:
पाठ का शीर्षक ‘पानी रे पानी’ दिया गया है क्योंकि यह शीर्षक पाठ के मुख्य विषय को दर्शाता है, जो पानी की महत्ता को समझाने के लिए है।
इस शीर्षक के पीछे के कारण हो सकते है-

1.    पानी की महत्ता – पाठ में पानी की महत्ता और इसके महत्व को समझाया गया है, जो शीर्षक से प्रतिबिंबित होता है।

2.    भावनात्मक अपील- शीर्षक ‘पानी रे पानी’ में एक भावनात्मक अपील है, जो पाठक को पानी के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करती है।

3.    सरल और स्पष्ट – शीर्षक सरल और स्पष्ट है, जो पाठक को पाठ के मुख्य विषय को समझने में मदद करता है।
इन कारणों से स्पष्ट है कि यह शीर्षक पाठ के लिए उपयुक्त है और पाठक को पाठ के मुख्य विषय को समझने में मदद करता है।

(इस प्रश्न के उत्तर को और गहराई से समझने के लिए सहपाठियों के साथ चर्चा भी करें ।)

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 14

(ख) आप इस पाठ को क्या नाम देना चाहेंगे? इसका कारण लिखिए।
उत्तर:
‘
पानी रे पानी’ का दूसरा नाम या शीर्षक ‘पानी की महत्ता ‘ या ‘जीवन में पानी का महत्व’ दिया जा सकता है। यह शीर्षक पाठ के मुख्य विषय को स्पष्ट रूप से दर्शाता है और पाठक को पाठ के उद्देश्य को समझने में मदद करता है। इस शीर्षक को देने के कारण हैं-

1.    स्पष्टता- यह शीर्षक पाठ के मुख्य विषय को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

2.    प्रासंगिकता – यह शीर्षक पाठ के विषय के साथ प्रासंगिक है और पाठक को पाठ के उद्देश्य को समझने में मदद करता है।

3.    सरलता – यह शीर्षक सरल और समझने में आसान है, जो पाठक को आकर्षित करता है।

शब्दों की बात

बात पर बल देना

  • “हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है। “
  • “हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।’

(क) इन दोनों वाक्यों को ध्यान से पढ़िए। दूसरे वाक्य में कौन-सा शब्द हटा दिया गया है? उस शब्द को हटा देने से वाक्य के अर्थ में क्या अंतर आया है, पहचान कर लिखिए।
उत्तर:
हटा हुआ शब्द ‘भी’ है, जिसका अर्थ है ‘सहित’ या ‘अतिरिक्त’। ‘भी’ एक निपात है। यह शब्द को बल प्रदान करता है। अत: इसका जिस स्थान पर प्रयोग हुआ, उससे पहले वाले शब्द यानी धरती पर बल प्रदान कर रहा है। जिससे दोनों वाक्यों में प्रभावगत अंतर देखने को मिल रहा है।

(ख) पाठ में ऐसे ही कुछ और शब्द भी आए हैं जो अपनी उपस्थिति से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न करते हैं। पाठ को फिर से पढ़िए और इस तरह के शब्दों वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए ।
उत्तर:

1.    एक सुंदर – सा चित्र भी होता है।

2.    चित्र में कुछ तीर भी बने होते हैं।

3.    यह तो हुई जल – चक्र की किताबी बात।

4.    अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू है।

(इसी तरह के अन्य वाक्य पाठ में ढूँढ़कर लिखने का प्रयास विद्यार्थी स्वयं करें।)

समानार्थी शब्द

• नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के स्थान पर समान अर्थ देने वाले उपयुक्त शब्द लिखिए। इस कार्य के लिए आप बादल में से शब्द चुन सकते हैं।
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 16

(क) सूरज की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।
(
ख) समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर जाता है।
(
ग) अचानक बादल गरजने लगा।
(
घ) जल-चक्र में हवा की भी बहुत बड़ी भूमिका है।
उत्तर:
(
क) सूर्य, भास्कर, दिवाकर, दिनकर
(
ख) वाष्प, नीर
(
ग) मेघ, जलद, वारिद समीर
(
घ) वायु, पवन,

उपसर्ग

(उपसर्ग को समझने के लिए विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या – 48 देखें।)

पाठ्यपुस्तक समाधान

“देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।”
उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्द में ‘अ’ ने ‘काल’ शब्द में जुड़कर एक नया अर्थ दिया है। काल का अर्थ है— समय, मृत्यु। जबकि अकाल का अर्थ है— कुसमय, सूखा। कुछ शब्दांश किसी शब्द के आंरभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या कोई विशेषता उत्पन्न कर देते हैं और इस प्रकार नए शब्दों का निर्माण करते हैं। इस तरह के शब्दांश ‘उपसर्ग’ कहलाते हैं।
आइए, कुछ और उपसर्गों की पहचान करते हैं—
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 6

 

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी
•
अब आप भी उपसर्ग के प्रयोग से नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 7
उत्तर:
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 4

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) धरती की गुल्लक में जलराशि की कमी न हो इसके लिए आप क्या-क्या प्रयास कर सकते हैं, अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए।
उत्तर:
धरती की गुल्लक में जलराशि की कमी न हो इसके लिए हम निम्नलिखित प्रयास कर सकते हैं:

1.    जल संचयन- वर्षा जल संचयन करके हम जलराशि को बढ़ा सकते हैं। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और जल संकट कम होगा।

2.    जल बचत – जल का सही तरीके से उपयोग करके हम जलराशि को बचा सकते हैं। जैसे कि नहाते समय शॉवर के बजाय बाल्टी का उपयोग करना, पानी को बर्बाद न करना आदि।

3.    वृक्षारोपण- वृक्षारोपण करके हम जल-चक्र को बनाए रख सकते हैं और जलराशि को बढ़ा सकते हैं।

4.    जल प्रदूषण नियंत्रण – जल प्रदूषण को नियंत्रित करके हम जलराशि को सुरक्षित रख सकते हैं।

5.    जागरूकता- जल संचयन और जल बचत के बारे में लोगों को जागरूक करके हम जलराशि की कमी को रोक सकते हैं।

(ख) इस पाठ में एक छोटे से खंड में जल चक्र की प्रक्रिया को प्रस्तुत किया गया है। उस खंड की पहचान करें और जल चक्र को चित्र के माध्यम से प्रस्तुत करें।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

(ग) अपने द्वारा बनाए गए जल चक्र के चित्र का विवरण प्रस्तुत कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

सृजन

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 8

(क) कल्पना कीजिए कि किसी दिन आपके घर में पानी नहीं आया। आपको विद्यालय जाना है। आपके घर के समीप ही एक सार्वजनिक नल है । आप बालटी आदि लेकर वहाँ पहुँचते हैं और ठीक उसी समय आपके पड़ोसी भी पानी लेने पहुँच जाते हैं। आप दोनों ही अपनी-अपनी बालटी पहले भरना चाहते हैं। ऐसी परिस्थिति में आपस में किसी प्रकार का विवाद (तू-तू-मैं-मैं) न हो, यह ध्यान में रखते हुए पाँच संदेश वाक्य (स्लोगन) तैयार कीजिए ।
उत्तर:

1.    पानी बँटेगा सबके साथ, हम हैं सब साथ-साथ

2.    हम सबका पानी, हम सबका सम्मान

3.    प्यास बुझाइए, पड़ोसी का धर्म भी निभाइए ।

4.    पड़ोसी की प्यास बुझाएँ, प्यार और सहयोग बढ़ाएँ ।

5.    पानी की एक-एक बूँद पड़ोसी के लिए भी ज़रूरी है।

(ख) “सूरज, समुद्र, बादल, हवा, धरती, फिर बरसात की बूँदें और फिर बहती हुई एक नदी और उसके किनारे बरसा तुम्हारा, हमारा घर, गाँव या शहर । ”
इस वाक्य को पढ़कर आपके सामने कोई एक चित्र उभय आया होगा, उस चित्र को बनाकर उसमें रंग भरिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं चित्र बनाकर उसमें रंग भरें।

पानी रे पानी

पानी रे पानी पुस्तक

नीचे हम सबकी दिनचर्या से जुड़ी कुछ गतिविधियों के चित्र हैं। उन चित्रों पर बातचीत कीजिए जो धर पानी के संकट को कम करने में सहायक हैं और उन चित्रों पर भी बात करें जो पानी की गुल्लक को जल्दी ही खाली कर रहे हैं।
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 9
• (
प्रश्न पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या – 50 पर देखें ।)
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

पाठ्यपुस्तक समाधान

सबका पानी

• ‘सभी को अपनी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी कैसे मिले’ इस विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन करें। परिचर्चा के मुख्य बिंदुओं को आधार बनाते हुए रिपोर्ट तैयार करें।
उत्तर:
विषय : सभी को अपनी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी कैसे मिले
स्थान : सर्वोदय विद्यालय, सभा कक्ष
तिथि : 23 अप्रैल, 20xx
परिचय : पानी मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकता है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और जल संसाधनों का असंतुलित दोहन इसे संकट में डाल रहा है। इसी समस्या की गंभीरता को समझने के लिए हमारे विद्यालय में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

परिचर्चा के मुख्य बिंदु:

1.    जल संरक्षण के तरीके-

·        वर्षा जल संचयन को अपनाना घरेलू जल का पुन: उपयोग करना

·        नलों से टपकते पानी को रोकना

2.    समान जल वितरण-

·        सभी क्षेत्रों तक समान रूप से जल आपूर्ति

·        सरकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन

·        जल वितरण में पारदर्शिता लाना

3.    जन-जागरूकता अभियान-

·        जल ही जीवन है” जैसे अभियानों को बढ़ावा देना

·        लोगों को कम पानी में अधिक कार्य करने की आदत डालना

·        स्कूलों और पंचायतों में ‘जल बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित करना

4.    तकनीकी उपायों का प्रयोग-

·        ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का उपयोग

·        पानी की गुणवत्ता और मात्रा की जाँच के लिए सेंसर लगाना

5.    सामुदायिक भागीदारी और नीति निर्माण-

·        गाँव और शहर में जल प्रबंधन समितियाँ बनाना

·        जल संबंधी कानूनों का कड़ाई से पालन कराना

निष्कर्ष : परिचर्चा में सभी छात्रों और अध्यापकों ने यह माना कि यदि हम जल के महत्व को समझें और जागरूक हों, तो हर व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त जल मिल सकता है। इसके लिए सरकार, समाज और हर नागरिक को मिलकर प्रयास करना होगा।
सुझाव :

  • प्रत्येक घर में वर्षा जल संचयन अनिवार्य किया जाए।
  • स्कूली पाठ्यक्रम में जल संरक्षण पर विशेष अध्याय हो।
  • हर मोहल्ले में जल संरक्षण जागरूकता शिविर लगाए जाएँ।

रिपोर्ट प्रस्तुतकर्ता-
संतोष शर्मा
सर्वोदय विद्यालय
23
अप्रैल, 20xx

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी

दैनिक कार्यों में पानी

(क) क्या आपने कभी यह जानने का प्रयास किया है कि आपके घर में एक दिन में औसतन कितना पानी खर्च होता है? अपने घर में पानी के उपयोग से जुड़ी एक तालिका बनाइए। इस तालिका के आधार पर पता लगाइए-

  • घर के कार्यों में एक दिन में लगभग कितना पानी खर्च होता है? (बालटी, घड़े या किसी अन्य बर्तन को मापक बना सकते हैं)
  • आपके माँ और पिता या घर के अन्य सदस्य पानी बचाने के लिए क्या-क्या उपाय करते हैं?

(ख) क्या आपको अपनी आवश्यकतानुसार पानी उपलब्ध हो जाता है? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं, तो क्यों?
(
ग) आपके घर में दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पानी का संचयन कैसे और किन पात्रों में किया जाता है?

• (प्रश्न पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ संख्या – 51 पर देखें।)
उत्तर:
विद्यार्थी अपने दैनिक जीवन के अनुभव के आधार पर स्वयं करें।

पाठ्यपुस्तक समाधान

जन सुविधा के रूप में जल

नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए —

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 17

इन चित्रों के आधार पर जल आपूर्ति की स्थिति के बारे में अपने साथियों से चर्चा कीजिए और उसका विवरण लिखिए |

• (प्रश्न पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ संख्या – 51 पर देखें।)
उत्तर:
विद्यार्थी जल आपूर्ति की स्थिति के बारे में अपने साथियों से चर्चा करके उसका विवरण स्वयं लिखें।

बिना पानी सब सून

(क) पाठ में भूजल स्तर के कम होने के कुछ कारण बताए गए हैं, जैसे- तालाबों में कचरा फेंककर भरना आदि। भूजल स्तर कम होने के और क्या-क्या कारण हो सकते हैं? पता लगाइए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए ।
(
इसके लिए आप अपने सहपाठियों, शिक्षकों और घर के सदस्यों की सहायता भी ले सकते हैं ।)
उत्तर:
तालाबों में कचरा भरने के अलावा और भी कारण हैं, जैसे-

1.    अत्यधिक जल दोहन – ज़रूरत से ज़्यादा पानी खींचना, खासकर खेती और उद्योगों में।

2.    बारिश का जल ज़मीन में न समाना- जमीन पक्की होने के कारण पानी नीचे नहीं जा पाता ।

3.    पेड़-पौधों की कटाई- वृक्ष जल को जमीन में जाने में मदद करते हैं, उनके कटने से जल संरक्षण घटता है।

4.    तालाबों और कुओं का नष्ट होना- पारंपरिक जल स्रोतों को बंद कर देना ।

5.    जनसंख्या वृद्धि- अधिक लोग, अधिक पानी की ज़रूरत, जिससे भूजल अधिक खींचा जाता है।

(ख) भूजल स्तर की कमी से हमें आजकल किन कठिनाइयों का समाना करना पड़ता है?
उत्तर:
भूजल स्तर की कमी से होने वाली कठिनाइयाँ-

1.    पानी की कमी- पीने, नहाने और खाना पकाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता।

2.    खेती पर असर – सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसलें खराब हो जाती हैं।

3.    हैंडपंप और बोरवेल सूख जाते हैं- जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खास परेशानी होती है।

4.    महँगे पानी के साधन – टैंकर और बोतल का पानी खरीदना पड़ता है।

5.    पानी को लेकर झगड़े- एक ही स्रोत से कई लोगों को पानी चाहिए होता है।

(ग) आपके विद्यालय, गाँव या शहर के स्थानीय प्रशासन द्वारा भूजल स्तर बढ़ाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे है, पता लगाकर लिखिए।
उत्तर:
स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास –

1.    जल संरक्षण अभियान – ‘जल शक्ति अभियान’, ‘जल बचाओ’ जैसी योजनाएँ।

2.    वर्षा जल संचयन- घरों, स्कूलों और सरकारी इमारतों में अनिवार्य किया गया है।

3.    तालाबों और झीलों का पुनर्जीवन – पुराने जल स्रोतों को साफ कर फिर से उपयोग में लाना।

4.    जन जागरूकता अभियान- लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक करना ।

5.    पेड़ लगाओ अभियान – जल संरक्षण में सहायक ।

यह भी जानें

वर्षा जल संग्रहण

वर्षा के जल को एकत्र करना और उसका भंडारण करके बाद में प्रयोग करना जल की उपलब्धता में वृद्धि करने का एक उपाय है। इस उपाय द्वारा वर्षा का जल एकत्र करने को ‘वर्षा जल संग्रहण’ कहते हैं। वर्षा जल संग्रहण का मूल उद्देश्य यही है कि “जल जहाँ गिरे वहीं एकत्र कीजिए।” वर्षा जल संग्रहण की एक तकनीक इस प्रकार है—

छत के ऊपर वर्षा जल संग्रहण

इस प्रणाली में भवनों की छत पर एकत्रित वर्षा जल को पाइप द्वारा भंडारण टंकी में पहुँचाया जाता है। इस जल में छत पर उपस्थित मिट्टी के कण मिल जाते हैं। अत: इसका उपयोग करने से पहले इसे स्वच्छ करना आवश्यक होता है।

(‘वर्षा-जल संग्रहण’ से संबंधित अंश पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या- 52 पर देखें।)

पाठ्यपुस्तक समाधान

• अपने घर या विद्यालय के आस-पास, मुहल्ले या गाँव में पता लगाइए कि वर्षा जल संग्रहण की कोई विधि अपनाई जा रही है या नहीं? यदि हाँ, तो कौन-सी विधि है? उसके विषय में लिखिए। यदि नहीं, तो अपने शिक्षक या परिजनों की सहायता से इस विषय में समाचार पत्र के संपादक को एक पत्र लिखिए ।
उत्तर:
सेवा में
संपादक,
दैनिक भास्कर,
दिल्ली

विषय- वर्षा जल संचयन पर ध्यान आकर्षित करने के संबंध में।

महोदय/ महोदया,

सविनय निवेदन है कि हमारे क्षेत्र चंदन विहार में वर्षा जल संचयन की कोई विधि अपनाई नहीं जा रही है। वर्षा का पानी पूरी तरह से बहकर नालों में चला जाता है, जिससे जल संकट का सामना करना पड़ता है। हम जानते हैं कि वर्षा जल संचयन हमारे जल संसाधनों को बचाने का एक प्रभावी तरीका है।

आपसे अनुरोध है कि आप हमारे क्षेत्र में वर्षा जल संचयन के महत्व को उजगार करते हुए इस विषय पर लोगों को जागरूक करें। यदि प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं, तो कृपया इस पर ध्यान दें और हमारे क्षेत्र में जल संचयन की विधियाँ अपनाने के लिए पहल करें।

 

हम मानते हैं कि यदि इस दिशा में कार्य किया जाता है, तो आने वाले समय में जल की समस्या से निजात मिल सकती है और पर्यावरण को भी लाभ होगा।

सहायता और इस विषय पर ध्यान देने के लिए हम आपके आभारी होंगे।

धन्यवाद ।

भवदीय
क० ख०ग०

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी

आज की पहेली

• जल के प्राकृतिक स्रोत हैं- वर्षा, नदी, झील और तालाब। दिए गए वर्ग में जल और इन प्राकृतिक स्रोतों के समानार्थी शब्द ढूँढ़िए और लिखिए ।
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 10
उत्तर:
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 11

  • वर्षा – बारिश, मेह
  • नदी – प्रवाहिनी, तटिनी, तरंगिणी
  • झील /तालाबा – जलाशय, सर, ताल, सरोवर
  • जल – नीर, अंबु, वारि, सलिल

खोजबीन के लिए

• पानी से संबंधित गीत या कविताओं का संकलन कीजिए और इनमें से कुछ को अपनी कक्षा में प्रस्तुत कीजिए | इसके लिए आप अपने परिजनों एवं शिक्षक अथवा पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी

झरोखे से

आपने तालाबों और नदियों से रिसकर धरती रूपी गुल्लक में जमा होने वाले पानी के संबंध में यह रोचक लेख पढ़ा। अब आप तालाबों के बनने के इतिहास के विषय में अनुपम मिश्र के एक लेख ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ का अंश पढ़िए ।

पाल के किनारे रखा इतिहास

“अच्छे-अच्छे काम करते जाना”, राजा ने कूड़न किसान से कहा था।

कूड़न, बुढ़ान, सरमन और कौंराई थे चार भाई। चारों सुबह जल्दी उठकर अपने खेत पर काम करने जाते। दोपहर को

 

एक दिन घर से खेत जाते समय बेटी को एक नुकीले पत्थर से ठोकर लग गई। उसे बहुत गुस्सा आया। उसने अपनी दराँती से उस पत्थर को उखाड़ने की कोशिश की। पर लो, उसकी दराँती तो पत्थर पर पड़ते ही लोहे से सोने में बदल गई। और फिर बदलती जाती हैं इस लम्बे किस्से की घटनाएँ बड़ी तेजी से । पत्थर उठाकर लड़की भागी-भागी खेत पर आती है। अपने पिता और चाचाओं को सब कुछ एक साँस में बता देती है। चारों भाइयों की साँस भी अटक जाती है। जल्दी-जल्दी सब घर लौटते हैं। उन्हें मालूम पड़ चुका है कि उनके हाथ में कोई साधारण पत्थर नहीं है, पारस है। वे लोहे की जिस चीज को छूते हैं, वह सोना बनकर उनकी आँखों में चमक भर देती है।

पर आँखों की यह चमक ज्यादा देर तक नहीं टिक पाती। कूड़न को लगता है कि देर-सबेर राजा तक यह बात पहुँच ही जाएगी और तब पारस छिन जाएगा। तो क्या यह ज्यादा अच्छा नहीं होगा कि वे खुद जाकर राजा को सब कुछ बता दे।

किस्सा आगे बढ़ता है। फिर जो कुछ घटता है, वह लोहे को नहीं बल्कि समाज को पारस से छुआने का किस्सा बन जाता है।
राजा न पारस लेता है, न सोना। सब कुछ कूड़न को वापस देते हुए कहता है, “जाओ इससे अच्छे-अच्छे काम करते जाना, तालाब बनाते जाना।”

यह कहानी सच्ची है, ऐतिहासिक है— नहीं मालूम। पर देश के मध्य भाग में एक बहुत बड़े हिस्से में यह इतिहास को अँगूठा दिखाती हुई लोगों के मन में रमी हुई है। यहीं के पाटन नामक क्षेत्र में चार बहुत बड़े तालाब

पर आँखों की यह चमक ज्यादा देर तक नहीं टिक पाती। कूड़न को लगता है कि देर-सबेर राजा तक यह बात पहुँच ही जाएगी और तब पारस छिन जाएगा। तो क्या यह ज्यादा अच्छा नहीं होगा कि वे खुद जाकर राजा को सब कुछ बता दे।

किस्सा आगे बढ़ता है। फिर जो कुछ घटता है, वह लोहे को नहीं बल्कि समाज को पारस से छुआने का किस्सा बन जाता है।

राजा न पारस लेता है, न सोना। सब कुछ कूड़न को वापस देते हुए कहता है, “जाओ इससे अच्छे-अच्छे काम करते जाना, तालाब बनाते जाना।”

यह कहानी सच्ची है, ऐतिहासिक है— नहीं मालूम। पर देश के मध्य भाग में एक बहुत बड़े हिस्से में यह इतिहास को अँगूठा दिखाती हुई लोगों के मन में रमी हुई है। यहीं के पाटन नामक क्षेत्र में चार बहुत बड़े तालाब आज भी मिलते हैं और इस कहानी को इतिहास की कसौटी पर कसने वालों को लजाते हैं— चारों तालाब इन्हीं चारों भाइयों के नाम पर हैं। बूढ़ा सागर है, मझगवाँ में सरमन सागर है, कुआँग्राम में कौंराई सागर है तथा कुंडम गांव में कुंडम सागर। सन 1907 में गजेटियर के माध्यम से इस देश का इतिहास लिखने के लिए घूम रहे एक अंग्रेज ने भी इस इलाके में कई लोगों से यह किस्सा सुना था और फिर देखा-परखा था इन चार बड़े तालाबों को।

 

तब भी सरमन सागर इतना बड़ा था कि उसके किनारे पर तीन बड़े-बड़े गाँव बसे थे और तीनों गाँव इस तालाब को अपने-अपने नामों से बाँट लेते थे। पर वह विशाल ताल तीनों गाँवों को जोड़ता था और सरमन सागर की तरह स्मरण किया जाता था। इतिहास ने सरमन, बुढ़ान, कौंराई और कूड़न को याद नहीं रखा लेकिन इन लोगों ने तालाब बनाए और इतिहास को उनके किनारे पर रख दिया था।
Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answer पानी रे पानी 12
देश के मध्य भाग में, ठीक हृदय में धड़काने वाला यह किस्सा उत्तर – दक्षिण, पूरब-पश्चिम – चारों तरफ किसी न किसी रूप में फैला हुआ मिल सकता है और इसी के साथ मिलते हैं सैंकड़ों, हजारों तालाब | इनकी कोई ठीक गिनती नहीं है। इन अनगिनत तालाबों को गिनने वाले नहीं, इन्हें तो बनाने वाले लोग आते रहे और तालाब बनते रहे।

किसी तालाब को राजा ने बनाया तो किसी को रानी ने, किसी को किसी साधारण गृहस्थ ने तो किसी को किसी असाधारण साधु-संत ने – जिस किसी ने भी तालाब बनाया, वह महाराज या महात्मा ही कहलाया। एक कृतज्ञ समाज तालाब बनाने वालों को अमर बनाता था और लोग भी तालाब बनाकर समाज के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते थे।

• (इससे संबंधित अंश पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या-53-54 पर देखें।)
उत्तर:
विद्यार्थी ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ स्वयं पढ़ें।

पाठ्यपुस्तक समाधान

साझी समझ

• ‘पानी रे पानी’ और ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में आपको कौन-कौन सी बातें समान लगीं? उनके विषय में अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
‘
पानी – रे – पानी’ और ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में समान बातें निम्नलिखित हैं-

  • दोनों में पानी के स्रोतों को महत्वपूर्ण बताया गया है।
  • दोनों में पानी को जीवन की धारा के रूप में माना गया है।
  • दोनों में पानी के साथ भावनात्मक जुड़ाव प्रस्तुत किया गया है।

(सहपाठियों के साथ चर्चा करके और विस्तार से समझें ।)

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